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बौखलाहट में सोशल मीडिया पर उतरीं एंकर मीनाक्षी सिसौदिया,भ्रामक पोस्ट्स पर प्रधान संपादक जितेंद्र शर्मा की सख्त हिदायत

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नोएडा/लखनऊ, डेस्क: जनतंत्र टीवी विवाद में अपनी जमीनी पकड़ और तार्किक आधार खो चुकीं महिला एंकर मीनाक्षी सिसोदिया अब हताशा में आकर नए पैंतरे अपना रही हैं। ताजा जानकारी के अनुसार, एंकर मीनाक्षी सिसोदिया अब विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स और व्हाट्सऐप (WhatsApp) का सहारा लेकर संपादक जितेंद्र शर्मा के खिलाफ लगातार भ्रामक, मनगढ़ंत और अनर्गल कहानियां (Stories) व पोस्ट साझा कर रही हैं। किसी भी व्यक्ति की सामाजिक और व्यावसायिक प्रतिष्ठा को डिजिटल माध्यमों से ठेस पहुंचाने का यह प्रयास पूरी तरह से कानूनी अपराध की श्रेणी में आता है

​खोजी रिपोर्ट और साक्ष्यों से बौखलाहट का परिणाम

​’Media4samachar‘ के पास मौजूद पुख्ता जानकारी के मुताबिक, इस दुष्प्रचार के पीछे एंकर की चौतरफा घेराबंदी है। दरअसल, श्रम विभाग में हुई आखिरी बहस के दौरान जब एंकर मीनाक्षी सिसोदिया ने संपादक के साथ अभद्र व्यवहार किया, तो विभाग के अधिकारी ने उनके इस रवैये को बेहद गंभीरता से लिया। इसके साथ ही,जनतंत्र टीवी के दफ्तर में  महिला स्टाफ के साथ की गई हाथापाई और धक्का-मुक्की के साक्ष्य भी Media4samachar व संपादक जितेंद्र शर्मा के पास मौजूद हैं

​चूंकि एंकर अपना देय वेतन पहले ही पूरी तरह से प्राप्त कर चुकी हैं, इसलिए ‘फुल एंड फाइनल सेटलमेंट’ के नाम पर दबाव बनाने की उनकी रणनीति पूरी तरह नाकाम साबित हुई है। इसी बौखलाहट में अब सोशल मीडिया को हथियार बनाकर चरित्र हनन का यह खेल खेला जा रहा है।

​संपादक जितेंद्र शर्मा की सख्त हिदायत: ‘दुरुपयोग रुका नहीं, तो कानूनी कार्यवाही तय’

​संपादक जितेंद्र शर्मा ने इस पूरे मामले पर कड़ा रुख अख्तियार करते हुए महिला एंकर को अंतिम और सख्त चेतावनी जारी कर दी है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि:

  • ​अगर महिला एंकर ने तुरंत प्रभाव से सोशल मीडिया और व्हाट्सऐप पर भ्रामक पोस्ट और अनर्गल कहानियां फैलाना बंद नहीं किया, तो उनके खिलाफ तत्काल आवश्यक कड़ी कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
  • ​संस्थान के नाम और संपादक के पद व गरिमा का इस तरह का दुरुपयोग किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

​कानूनी जानकारों का मानना है कि बिना किसी अदालती आदेश या पुख्ता सबूत के सोशल मीडिया पर किसी के खिलाफ इस तरह का अभियान चलाना सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (IT Act) और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की मानहानि धाराओं के तहत एक गंभीर और गैर-जमानती अपराध के दायरे में आ सकता है।

​’Media4samachar‘ को सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, संस्थान और संपादक की लीगल टीम ने महिला एंकर द्वारा किए जा रहे सभी भ्रामक पोस्ट्स, स्टेटस और व्हाट्सऐप संदेशों के डिजिटल साक्ष्य (Digital Evidence) व स्क्रीनशॉट्स सुरक्षित कर लिए हैं।

​श्रम विभाग की रिपोर्ट भी संस्थान के पक्ष में आने की उम्मीद

​एक तरफ जहां सोशल मीडिया पर यह कानूनी शिकंजा कसने की तैयारी है, वहीं दूसरी तरफ नोएडा का श्रम विभाग भी एंकर के इस आक्रामक और अभद्र रवैये से पूरी तरह अवगत हो चुका है। विभागीय सूत्रों की मानें तो तथ्यों और डिजिटल साक्ष्यों को देखने के बाद श्रम विभाग अपनी अंतिम रिपोर्ट संस्थान (जनतंत्र टीवी) के पक्ष में जारी कर सकता है। ऐसे में, दबाव बनाने की कोशिश कर रही महिला एंकर खुद अपने ही बुने कानूनी जाल में फंसती नजर आ रही हैं।

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Author: media4samachar

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