न्यूज़ डेस्क: प्रसिद्ध समाचार नेटवर्क NDTV (न्यूज दिल्ली टेलीविजन) से जुड़ी एक बड़ी खबर मीडिया गलियारों में चर्चा का विषय बनी हुई है। सूत्रों और खुद स्ट्रिंगर्स के दावों के अनुसार, संस्थान में बड़े स्तर पर फेरबदल करते हुए बड़ी संख्या में स्ट्रिंगर्स (ग्राउंड रिपोर्टर्स) को बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है। वहीं, जो स्ट्रिंगर्स बचे हैं, उनके मेहनताने में भी भारी कटौती की बात सामने आ रही है।

15 से 20 हजार की जगह अब मिल रहे महज 1500 रुपये
प्रभावित स्ट्रिंगर्स का कहना है कि वे सालों से संस्थान के लिए जमीनी स्तर पर खबरें कवर करते आ रहे हैं। पहले उन्हें काम के आधार पर औसतन 15,000 रुपये से 20,000 रुपये प्रति माह तक का भुगतान हो जाता था।
हालांकि, हालिया नीतिगत बदलावों के बाद अब उनके नाम पर केवल 1500 रुपये प्रति माह का ही बिल स्वीकृत किया जा रहा है। इतनी मामूली राशि में काम करना जमीनी पत्रकारों के लिए आर्थिक रूप से असंभव होता जा रहा है, जिसे वे एक अप्रत्यक्ष छंटनी का ही तरीका मान रहे हैं।
इस बीच, एक व्हाट्सएप ग्रुप में स्ट्रिंगर द्वारा साझा किया गया विदाई संदेश (Farewell Message) सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रहा है।
- इस्तीफे का कारण: मैसेज में स्ट्रिंगर ने संस्थान के एक वरिष्ठ अधिकारी पर “तानाशाही रवैये” और अनुचित नीतियों के आरोप लगाए हैं।
- सहयोगियों का धन्यवाद: उन्होंने लिखा कि मौजूदा माहौल और वरिष्ठों के व्यवहार के कारण अब काम जारी रखना संभव नहीं है। साथ ही, उन्होंने वर्षों से साथ काम कर रहे सहयोगियों का आभार व्यक्त करते हुए विदाई ली।
बड़े स्तर पर फेरबदल, NDTV का पक्ष बाकी
बताया जा रहा है कि स्ट्रिंगर्स से जुड़ा यह बदलाव किसी एक जिले या राज्य तक सीमित नहीं है, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर व्यापक रूप से लागू किया गया है। मीडिया इंडस्ट्री में इस कदम को लेकर काफी नाराज़गी और चिंता देखी जा रही है।
आधिकारिक बयान का इंतजार: इस पूरे घटनाक्रम और स्ट्रिंगर्स के आरोपों पर अभी तक NDTV प्रबंधन की ओर से कोई आधिकारिक टिप्पणी या स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है। संस्थान का पक्ष आते ही खबर को अपडेट किया जाएगा।




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