नई दिल्ली: प्रमुख मीडिया और मनोरंजन कंपनी जी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज लिमिटेड (ZEEL) की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। कंपनी को कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय (MCA) की ओर से एक नया नोटिस प्राप्त हुआ है। ZEEL ने स्टॉक एक्सचेंजों को सूचित किया है कि यह नोटिस 5 अक्टूबर 2026 को मिला, जिसके तहत कंपनी से कुछ जरूरी जानकारियां और स्पष्टीकरण मांगे गए हैं।
कंपनी अधिनियम की धारा 210 के तहत कार्रवाई
शेयर बाजारों को 6 अक्टूबर को भेजी गई रेगुलेटरी फाइलिंग के अनुसार, यह नोटिस MCA के ऑफिस ऑफ द रीजनल डायरेक्टर (वेस्टर्न रीजन-II, मुंबई) द्वारा जारी किया गया है। यह कार्रवाई कंपनी अधिनियम, 2013 की धारा 210(1)(a) और (c) के तहत की गई है।
कंपनी ने स्पष्ट किया कि यह नया नोटिस पहले से कंपनी अधिनियम की धारा 206(5) के तहत चल रही निरीक्षण (Inspection) प्रक्रिया की ही अगली कड़ी है, जिसके अंतर्गत मंत्रालय कंपनी के कामकाज से जुड़े विवरण की जांच कर रहा है।
कोई विशिष्ट उल्लंघन नहीं, केवल जानकारी की मांग: ZEEL
सेबी (SEBI) के रेगुलेशन 30 के तहत अनिवार्य खुलासे में जी एंटरटेनमेंट ने स्थिति स्पष्ट करने का प्रयास किया है:
- उल्लंघन का विवरण: ‘किए गए या कथित उल्लंघन’ के कॉलम में कंपनी ने केवल ‘Calling for information’ (जानकारी मांगना) दर्ज किया है।
- कंपनी का पक्ष: ZEEL का कहना है कि यह नोटिस किसी ठोस अनियमितता या वित्तीय गड़बड़ी का आरोप नहीं लगाता, बल्कि यह केवल जांच के तहत मांगी गई सूचनाओं का हिस्सा है।
- नियामक के साथ सहयोग: कंपनी ने बताया कि मांगी गई आवश्यक जानकारियां वह पहले ही अधिकारियों को सौंप चुकी है। इसके अलावा, जांच एजेंसी द्वारा भविष्य में जो भी अतिरिक्त तथ्य या स्पष्टीकरण मांगा जाएगा, उसे समय पर उपलब्ध कराया जाएगा।
वित्तीय और व्यावसायिक असर पर रुख
कंपनी ने निवेशकों को आश्वस्त करते हुए साफ किया है कि इस नोटिस का उसके रोजमर्रा के कारोबार, संचालन या वित्तीय स्थिति पर फिलहाल कोई प्रतिकूल या मापने योग्य असर नहीं पड़ा है। डिस्क्लोजर में वित्तीय प्रभाव के कॉलम में कंपनी ने ‘Not Applicable’ (लागू नहीं) लिखा है।
गौरतलब है कि नियामक स्तर पर चल रही यह जांच कंपनी के गवर्नेंस और आंतरिक प्रक्रियाओं से जुड़े पहलुओं की पड़ताल का हिस्सा मानी जा रही है।




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