नई दिल्ली/नोएडा। चर्चित लोकगायिका एवं सार्वजनिक मुद्दों पर अपनी बेबाक राय रखने वाली नेहा सिंह राठौर से जुड़े विवाद में अब कानूनी मोर्चा खुल गया है। नेहा सिंह राठौर की ओर से ABP Network और ABP News के शीर्ष प्रबंधन सहित संबंधित रिपोर्टर को मानहानि का कानूनी नोटिस भेजा गया है। 29 अक्टूबर 2026 को जारी इस नोटिस में कथित तौर पर झूठे, निराधार और मानहानिकारक आरोपों के प्रकाशन एवं प्रसारण को लेकर गंभीर आपत्ति जताई गई है। नोटिस में कुल 10 करोड़ रुपये के हर्जाने की मांग की गई है।

यह कानूनी नोटिस सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया के Advocate-on-Record फुजैल अहमद अय्यूबी की ओर से जारी किया गया है।
ABP Network के CEO समेत तीन पक्षों को भेजा गया नोटिस
नोटिस में जिन लोगों और पक्षों को संबोधित किया गया है, उनमें ABP Network के Chief Executive Officer, ABP News के Executive Vice President (News & Production) रजनीश आहूजा और संबंधित रिपोर्टर शामिल हैं।
नोटिस में ABP Network के नोएडा स्थित कार्यालय के पते के साथ मुंबई कार्यालय का पता भी दिया गया है। इस तरह मामले में केवल संबंधित रिपोर्टिंग तक ही सवाल सीमित नहीं रखा गया, बल्कि चैनल के वरिष्ठ प्रबंधन की जवाबदेही का मुद्दा भी उठाया गया है।
10 करोड़ रुपये के मुआवजे की मांग
कानूनी नोटिस का सबसे महत्वपूर्ण पहलू इसमें की गई 10 करोड़ रुपये के मुआवजे की मांग है। नेहा सिंह राठौर की ओर से आरोप लगाया गया है कि उनके खिलाफ कथित रूप से झूठे और निराधार आरोपों का प्रकाशन एवं प्रसारण किया गया, जिससे उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा।
नोटिस में इस कथित मानहानि के लिए 10,00,00,000 रुपये यानी दस करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति की मांग की गई है। यह मांग मामले की गंभीरता और कानूनी विवाद के संभावित दायरे को दर्शाती है।
सार्वजनिक माफी और प्राइम टाइम में सुधारात्मक प्रसारण की मांग
नेहा सिंह राठौर की ओर से भेजे गए नोटिस में केवल आर्थिक मुआवजे तक बात सीमित नहीं रखी गई है। इसमें ABP News से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग भी की गई है।
इसके अतिरिक्त कथित मानहानिकारक सामग्री को वापस लेने और प्राइम टाइम में सुधारात्मक प्रसारण करने की मांग रखी गई है, ताकि जिन दर्शकों तक संबंधित सामग्री पहुंची थी, उनके सामने भी स्थिति स्पष्ट हो सके।
नोटिस में इस पूरे प्रकरण के लिए जिम्मेदार व्यक्तियों की जवाबदेही तय करने की मांग भी शामिल है।
मीडिया संस्थानों की जिम्मेदारी पर फिर उठा सवाल
यह मामला एक बार फिर मीडिया संस्थानों की संपादकीय जिम्मेदारी, तथ्यात्मक सत्यापन और किसी व्यक्ति की सार्वजनिक प्रतिष्ठा से जुड़े सवालों को चर्चा में ला सकता है।
समाचार प्रसारण में किसी व्यक्ति के संबंध में आरोपों या विवादों को प्रस्तुत करते समय तथ्यों की पुष्टि और संबंधित पक्ष का दृष्टिकोण लेना महत्वपूर्ण माना जाता है। यदि किसी प्रसारण को लेकर मानहानि का आरोप लगाया जाता है, तो संबंधित पक्ष को कानूनी प्रक्रिया के तहत अपना पक्ष रखने का अवसर मिलता है।
नेहा सिंह राठौर की ओर से भेजे गए नोटिस में चैनल के शीर्ष प्रबंधन और संबंधित रिपोर्टर की जवाबदेही का मुद्दा उठाया गया है। अब इस मामले में ABP Network का पक्ष भी महत्वपूर्ण होगा।
ABP News के जवाब पर टिकी निगाहें
जारी कानूनी नोटिस के बाद अब सबकी निगाहें ABP Network और संबंधित अधिकारियों की प्रतिक्रिया पर रहेंगी। क्या चैनल सार्वजनिक माफी की मांग स्वीकार करता है, क्या वह संबंधित सामग्री को लेकर कोई स्पष्टीकरण जारी करता है या कानूनी स्तर पर नोटिस का जवाब देता है, यह आने वाले समय में स्पष्ट होगा।
कुल मिलाकर, नेहा सिंह राठौर और ABP News के बीच यह विवाद अब कानूनी नोटिस तक पहुंच चुका है। 10 करोड़ रुपये की मानहानि की मांग, सार्वजनिक माफी और प्राइम टाइम पर सुधारात्मक प्रसारण की मांग ने इस प्रकरण को मीडिया जगत में चर्चा का विषय बना दिया है।




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