लखनऊ: ग्रामीण पत्रकारिता और कंटेंट के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान रखने वाले प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान ‘गांव कनेक्शन’ (Gaon Connection) से जुड़े एक बड़े घटनाक्रम में, संस्थान के संस्थापक और जाने-माने पत्रकार नीलेश मिश्रा ने सार्वजनिक रूप से माफी मांगी है। संस्थान द्वारा अपने एक विभाग के बंद किए जाने के बाद नौ पत्रकारों और कर्मचारियों की नौकरी चली गई थी, जिसके बाद उपजे विवाद और मीडिया वेबसाइट में खबर चलने के बाद यह कदम उठाया गया है।


क्यों बंद हुआ विभाग?
संस्थान की ओर से पहले ही यह स्पष्ट किया जा चुका था कि उनके ‘रूरल टीवी’ (Rural TV) वर्टिकल को बंद करने का कठिन निर्णय लिया गया है। संस्था के अनुसार, यह वर्टिकल लंबे समय से अपेक्षित प्रदर्शन करने में विफल रहा था, जिसके चलते भारी वित्तीय और प्रबंधकीय दबाव के कारण इसे बंद करना पड़ा। हालांकि, इस फैसले के बाद संस्थान से जुड़े नौ प्रतिभाशाली कर्मचारियों की नौकरी चली गई थी, जिससे मीडिया जगत में चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया था।
नीलेश मिश्रा का सार्वजनिक संदेश और माफी
मामले तूल पकड़ने और आलोचनाएं सामने आने के बाद, संस्थापक नीलेश मिश्रा ने सोशल मीडिया के माध्यम से एक विस्तृत संदेश जारी किया। उन्होंने इस पूरी घटना पर गहरा दुख जताते हुए प्रभावित कर्मचारियों से दिल से माफी मांगी है।
अपने संदेश में नीलेश मिश्रा ने कहा:
- कुछ अत्यावश्यक और अपरिहार्य परिस्थितियों के चलते उन्हें गांव कनेक्शन के एक विभाग को बंद करना पड़ा और अपनी एक समर्पित टीम को हटाना पड़ा।
- उन्होंने नौकरी गंवाने वाले सभी कर्मचारियों को ‘प्रतिभाशाली’ और ‘बेहतरीन पेशेवर’ करार दिया।
- इस दुर्भाग्यपूर्ण फैसले के लिए उन्होंने बिना किसी झिझक के सार्वजनिक रूप से माफी मांगी है।
अन्य मीडिया संस्थानों से रोजगार की अपील
मामले को मानवीय दृष्टिकोण देते हुए नीलेश मिश्रा ने मीडिया और कंटेंट जगत के अन्य उद्यमियों, संस्थापकों और वरिष्ठ अधिकारियों से एक खास अपील की है। उन्होंने कहा है कि यदि अन्य संस्थान वीडियो कंटेंट क्रिएशन, वीडियो प्रोडक्शन, ग्राफिक्स डिजाइनिंग या सोशल मीडिया मैनेजमेंट के क्षेत्र में नए सहयोगियों की तलाश कर रहे हैं, तो वे उन्हें तुरंत सूचित करें। मिश्रा ने भरोसा दिलाया है कि वह खुद आगे बढ़कर प्रभावित कर्मचारियों के बायोडाटा (CV) संबंधित संस्थानों तक पहुंचाएंगे, ताकि उन्हें जल्द से जल्द नया रोजगार मिल सके।
संस्थान द्वारा दी गई राहत
नौकरी से निकाले गए इन कर्मचारियों को लेकर गांव कनेक्शन प्रबंधन ने पहले ही स्पष्ट किया था कि सभी प्रभावित कर्मचारियों को उनके नोटिस पीरियड के रूप में तीन महीने का वेतन (सैलरी) दिया जा रहा है। संस्था का उद्देश्य था कि इस तीन महीने की अवधि में ये कर्मचारी बिना किसी वित्तीय दबाव के नई नौकरी की तलाश कर सकें।
मीडिया जगत में चर्चा का विषय
नीलेश मिश्रा द्वारा माफी मांगे जाने और खुले तौर पर दूसरे संस्थानों से अपने पूर्व कर्मचारियों के लिए नौकरी मांगने के इस कदम को मीडिया हलकों में एक अलग और सकारात्मक पहल के रूप में देखा जा रहा है। एक तरफ जहां ग्रामीण मीडिया प्लेटफॉर्म्स के सामने आर्थिक और व्यावसायिक चुनौतियां गहरी होती जा रही हैं, वहीं दूसरी तरफ इस तरह की छंटनी और उसके बाद का यह घटनाक्रम मीडिया स्टार्टअप्स के सामने मौजूद संकटों को भी उजागर करता है।




Users Today : 95
Users Yesterday : 151