जाने-माने मीडिया नेटवर्क ‘इंडिया टुडे’ (India Today) ने वरिष्ठ पत्रकार गीता मोहन को एक बड़ी जिम्मेदारी सौंपते हुए उन्हें ग्रुप एडिटर – फॉरेन अफेयर्स (Group Editor – Foreign Affairs) के पद पर प्रमोट किया है। इस नई और महत्वपूर्ण भूमिका के साथ नेटवर्क में उनकी एडिटोरियल जिम्मेदारियों का दायरा काफी बढ़ गया है। अब वह अंतरराष्ट्रीय संबंधों, कूटनीति (Diplomacy) और भू-राजनीतिक (Geopolitical) घटनाक्रमों की संपूर्ण कवरेज का नेतृत्व करेंगी।
’इंडिया टुडे ग्लोबल’ से रहेगा सीधा जुड़ाव
इस नई जिम्मेदारी के तहत गीता मोहन समूह की मल्टीप्लेटफॉर्म पहल ‘इंडिया टुडे ग्लोबल’ (India Today Global) से भी सक्रिय रूप से जुड़ी रहेंगी। यह विशेष प्लेटफॉर्म वैश्विक राजनीति और अंतरराष्ट्रीय मामलों की गहराई से पड़ताल करने के लिए जाना जाता है। उनकी अगुवाई में डिजिटल और टेलीविजन दोनों माध्यमों पर अंतरराष्ट्रीय खबरों की पहुंच और विश्लेषण को और मजबूती मिलेगी।
युद्ध क्षेत्रों से ग्राउंड रिपोर्टिंग और वैश्विक नेताओं के इंटरव्यू
गीता मोहन कई वर्षों से ‘इंडिया टुडे’ के साथ जुड़ी हुई हैं और अपनी धारदार ग्राउंड रिपोर्टिंग के लिए जानी जाती हैं। उन्होंने अफगानिस्तान, यूक्रेन और ईरान जैसे संघर्ष-प्रभावित और संवेदनशील क्षेत्रों में जाकर जोखिम भरी रिपोर्टिंग की है।
अपने करियर के दौरान उन्होंने दुनिया के कई प्रमुख वैश्विक नेताओं और नीति-निर्माताओं के इंटरव्यू किए हैं। इनमें रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा और ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची जैसी दिग्गज हस्तियां शामिल हैं।
’वर्ल्ड टुडे’ कार्यक्रम का करती हैं एंकरिंग
विदेश मामलों की कमान संभालने के साथ-साथ वह इंडिया टुडे के इंटरनेशनल न्यूज और जियोपॉलिटिकल एनालिसिस पर आधारित चर्चित कार्यक्रम ‘वर्ल्ड टुडे’ (World Today) की एंकरिंग भी करती हैं। इस कार्यक्रम के माध्यम से उन्होंने दुनिया भर के प्रमुख संघर्षों, कूटनीतिक वार्ताओं, चुनावों और ग्लोबल पावर बैलेंस में आ रहे बदलावों को बेहद करीब से दर्शकों के सामने रखा है।
सह-लेखिका के रूप में साहित्यिक सफर
पत्रकारिता के अलावा गीता मोहन ‘हामिद: द स्टोरी ऑफ माई कैप्टिविटी, सर्वाइवल एंड फ्रीडम’ (Hamid: The Story of My Captivity, Survival and Freedom) की सह-लेखिका भी हैं। पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया (Penguin Random House India) द्वारा प्रकाशित यह किताब हामिद अंसारी की पाकिस्तान में लंबी कैद और उनकी भारत वापसी की संघर्षपूर्ण कहानी पर आधारित है।
क्यों अहम है यह नियुक्ति?
गीता मोहन की यह पदोन्नति ऐसे समय में हुई है जब दुनिया भर के घटनाक्रम भारत की अर्थव्यवस्था, कारोबार और विदेश नीति को सीधे तौर पर प्रभावित कर रहे हैं। ऐसे में टेलीविजन और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर इंडिया टुडे की विदेशी मामलों की कवरेज में उनकी यह नई लीडरशिप बेहद निर्णायक साबित होगी।




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