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सीएम योगी आदित्यनाथ से सवाल करना पड़ा भारी,दिव्या श्रीवास्तव को चैनल से निकाला गया

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लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्रेस कॉन्फ्रेंस में सवाल पूछने के बाद महिला पत्रकार दिव्या श्रीवास्तव ने अपने साथ कथित उत्पीड़न और धमकी का गंभीर आरोप लगाया है। दिव्या ने एक इंटरव्यू में दावा किया कि मुख्यमंत्री से सवाल पूछने के बाद उन्हें कथित तौर पर बीजेपी कार्यालय में घेरकर धमकाया गया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें घर पर बुलडोजर चलाने की धमकी दी गई और उनकी निगरानी किए जाने की बात कही गई।
दिव्या श्रीवास्तव के मुताबिक, उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान एक सवाल पूछा था। उनका दावा है कि सवाल पूछने के बाद परिस्थितियां उनके लिए मुश्किल होती चली गईं और उन्हें कथित दबाव एवं धमकियों का सामना करना पड़ा।

‘मैंने योगी आदित्यनाथ से एक सवाल पूछा था’

इंटरव्यू के दौरान दिव्या ने अपने अनुभव को बताते हुए कहा कि उन्होंने मुख्यमंत्री से सिर्फ एक सवाल पूछा था। इसके बाद कथित तौर पर उन्हें बीजेपी कार्यालय में घेर लिया गया।
उनका आरोप है कि वहां उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी गई। दिव्या ने दावा किया कि उनसे कहा गया कि “घर पर बुलडोजर चलेगा।”
यह आरोप सामने आने के बाद पत्रकारिता जगत में भी इस तरह के कथित दबाव को लेकर सवाल उठने लगे हैं।

‘LIU पीछे पड़ी है’

महिला पत्रकार ने यह भी दावा किया कि उन्हें बताया गया कि LIU उनके पीछे पड़ी है। हालांकि, इस दावे के संबंध में फिलहाल कोई स्वतंत्र दस्तावेज या आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है।
दिव्या का कहना है कि लगातार बने कथित दबाव की वजह से वह मानसिक रूप से बेहद परेशान और डरी हुई हैं।

चैनल से निकाले जाने का भी दावा

दिव्या श्रीवास्तव ने अपने इंटरव्यू में यह भी आरोप लगाया कि पूरे घटनाक्रम के बाद उन्हें उनके चैनल से भी निकाल दिया गया।
उन्होंने भावुक होकर कहा कि अब वह कहीं नहीं हैं और उन्हें अपने भविष्य को लेकर भी चिंता है। दिव्या के मुताबिक, “मुझे चैनल से भी निकाल दिया गया। मैं अब कहीं नहीं हूं। मैं बहुत डरी हुई हूं।”

इंटरव्यू में छलका दर्द

बातचीत के दौरान दिव्या श्रीवास्तव अपने अनुभव को बताते हुए भावुक दिखाई दीं। उन्होंने दावा किया कि एक पत्रकार के तौर पर सवाल पूछना उनके लिए भारी पड़ गया।
उनके आरोपों का सबसे गंभीर पहलू यह है कि उन्हें कथित तौर पर घर पर बुलडोजर चलाने की धमकी दी गई। यदि ये आरोप सही साबित होते हैं तो यह पत्रकारों की सुरक्षा, स्वतंत्र पत्रकारिता और सत्ता से सवाल पूछने के अधिकार को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है।
आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं
हालांकि, दिव्या श्रीवास्तव द्वारा लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल नहीं हो सकी है। बीजेपी, संबंधित अधिकारियों, मुख्यमंत्री कार्यालय अथवा संबंधित न्यूज चैनल की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आने पर मामले की तस्वीर और स्पष्ट हो सकती है।
फिलहाल महिला पत्रकार का इंटरव्यू सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन रहा है। पूरे मामले में सबसे महत्वपूर्ण सवाल यही है कि क्या एक पत्रकार द्वारा मुख्यमंत्री से सवाल पूछे जाने के बाद वास्तव में उसके साथ इस तरह का दबाव या उत्पीड़न किया गया?

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Author: media4samachar

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