नई दिल्ली: सार्वजनिक प्रसारक प्रसार भारती ने डीडी फ्री डिश (DD Free Dish) और अपने अन्य डिजिटल/प्रसारण प्लेटफॉर्म्स पर स्लॉट आवंटन की ई-नीलामी प्रक्रिया को सुचारू बनाने के लिए एक स्वतंत्र एजेंसी नियुक्त करने की कवायद शुरू कर दी है। इसके लिए प्रसार भारती की ओर से आधिकारिक बोलियां आमंत्रित की गई हैं। यह कदम डीडी फ्री डिश पर चैनल क्षमता के आगामी चरण के आवंटन की तैयारियों का स्पष्ट संकेत देता है।
₹32 लाख का टेंडर, 22 अक्टूबर को खुलेंगी बोलियां
दूरदर्शन द्वारा 1 अक्टूबर को जारी आधिकारिक नोटिस के अनुसार, इस कार्य के लिए केवल पात्र भारतीय एजेंसियों से आवेदन मांगे गए हैं।
- अनुमानित लागत: टेंडर की अनुमानित कीमत टैक्स सहित 32 लाख रुपये रखी गई है।
- ईएमडी (सुरक्षा राशि): बोलीदाताओं को 64,000 रुपये की अर्नेस्ट मनी डिपॉजिट (EMD) जमा करनी होगी।
- अंतिम तिथि व समय: प्राप्त बोलियों को 22 अक्टूबर को दोपहर 1:00 बजे खोला जाएगा।
फ्री डिश के अलावा अन्य प्लेटफॉर्म्स भी शामिल
सफल एजेंसी का कार्यक्षेत्र केवल डीडी फ्री डिश तक सीमित नहीं रहेगा। एजेंसी को प्रसार भारती के अंतर्गत आने वाले अन्य संबंधित प्लेटफॉर्म्स पर भी स्लॉट की ऑनलाइन ई-नीलामी का पूरा प्रबंधन देखना होगा।
टेंडर से जुड़ी प्रक्रिया, नियमों और स्पष्टीकरण के लिए 8 अक्टूबर को दोपहर 3:00 बजे नई दिल्ली स्थित दूरदर्शन भवन में एक प्री-बिड बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें इच्छुक बोलीदाता अपने सवाल रख सकेंगे।
दो-बोली प्रणाली से होगा चयन
एजेंसी का चयन डिजिटल रूप से दो-बोली प्रणाली (Two-Bid System) के तहत किया जाएगा:
- तकनीकी बोली (Technical Bid): सबसे पहले एजेंसियों के तकनीकी मानकों, अनुभव और पात्रता की जांच होगी।
- वित्तीय बोली (Financial Bid): केवल तकनीकी रूप से सफल पाई जाने वाली एजेंसियों की ही वित्तीय बोलियां खोली जाएंगी।
सभी बोलियां प्रसार भारती के ई-प्रोक्योरमेंट पोर्टल के माध्यम से डिजिटल रूप से ही जमा की जाएंगी।
पंजीकरण शुल्क और तकनीकी जरूरतें
- डिजिटल सर्टिफिकेट: बोली में भाग लेने वाली एजेंसियों के पास क्लास-III (Class-III) डिजिटल सिग्नेचर सर्टिफिकेट होना अनिवार्य है।
- पंजीकरण व प्रोसेसिंग फीस: पोर्टल पर वार्षिक पंजीकरण शुल्क 450 रुपये (प्लस जीएसटी) है। वहीं, 10 लाख से 50 लाख रुपये के स्लैब वाले इस टेंडर के लिए प्रोसेसिंग फीस जीएसटी सहित कुल 1,091.50 रुपये (925 रुपये + जीएसटी) निर्धारित की गई है।
- परफॉर्मेंस सिक्योरिटी: टेंडर हासिल करने वाली एजेंसी को अनुबंध मिलने के 30 दिनों के भीतर कुल अनुबंध मूल्य की 3% राशि परफॉर्मेंस सिक्योरिटी के रूप में जमा करनी होगी।
’मेक इन इंडिया’ नीति लागू, स्लॉट संख्या पर सस्पेंस
यह टेंडर पूरी तरह से भारतीय एजेंसियों के लिए आरक्षित है और इसमें केंद्र सरकार की मेक इन इंडिया खरीद नीति तथा जनरल फाइनेंशियल रूल्स (GFR) की शर्तें प्रभावी रहेंगी।
प्रसार भारती ने स्पष्ट किया है कि उसके पास बिना कोई कारण बताए किसी भी बोली को स्वीकार या रद्द करने और पूरी टेंडर प्रक्रिया को किसी भी चरण में निरस्त करने का पूरा अधिकार सुरक्षित है।
गौरतलब है कि डीडी फ्री डिश देश का सबसे बड़ा फ्री-टू-एयर प्लेटफॉर्म है, जो बिना मासिक शुल्क के करोड़ों दर्शकों तक पहुंच प्रदान करता है। हालांकि, मौजूदा टेंडर दस्तावेज में यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि आगामी चरण में कुल कितने स्लॉट नीलाम किए जाएंगे और अगली नीलामी की तारीखें क्या होंगी। एजेंसी की नियुक्ति पूरी होने के बाद स्लॉट आवंटन का विस्तृत कार्यक्रम जारी होने की उम्मीद है।




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