यूट्यूब पर जारी ~10 मिनट के वीडियो में विनीत कुमार सिंह ने दागे कई सवाल; वित्तीय अनियमितता और नौकरी से निकाले जाने की कही बात
नई दिल्ली।वरिष्ठ पत्रकार और डिजिटल मीडिया विश्लेषक डॉ. हरीश चंद्र बर्नवाल एक नए विवाद में घिरते नजर आ रहे हैं। खुद को हरीश बर्नवाल का पूर्व सहयोगी बताने वाले विनीत कुमार सिंह ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर उन पर संस्थान के संसाधनों के दुरुपयोग, वित्तीय अनियमितता और मातहत कर्मचारियों के मानसिक व आर्थिक शोषण जैसे कई गंभीर आरोप लगाए हैं।
निजी हित में संसाधनों के इस्तेमाल का दावा
8 जुलाई 2026 को यूट्यूब पर अपलोड किए गए करीब 9 मिनट 54 सेकंड के इस वीडियो में विनीत कुमार सिंह ने दावा किया है कि हरीश बर्नवाल ने वर्षों तक संस्थान के स्टूडियो, कर्मचारियों और अन्य तकनीकी संसाधनों का इस्तेमाल अपने निजी हितों व फायदों के लिए किया। विनीत का आरोप है कि यह खेल लंबे समय तक पर्दे के पीछे चलता रहा, जिसकी भनक संस्थान के शीर्ष प्रबंधन को काफी देर से लगी।
कर्मचारियों के शोषण और ‘बंधुआ मजदूरी’ का आरोप
वीडियो में न केवल वित्तीय बल्कि व्यवहारिक स्तर पर भी कई गंभीर दावे किए गए हैं। पूर्व सहयोगी के अनुसार, हरीश बर्नवाल अपने अधीनस्थ काम करने वाले कर्मचारियों के साथ अपमानजनक व्यवहार करते थे। उन्होंने आरोप लगाया कि संस्थान में काम करने वाले जूनियर स्टाफ को डराया-धमकाया जाता था और उनके साथ बंधुआ मजदूरों जैसा सलूक किया जाता था।
कमाई की हेराफेरी और निष्कासन की बात
विनीत कुमार सिंह ने डिजिटल रेवेन्यू को लेकर भी बड़ा दावा किया है। उनके अनुसार, संस्थान के विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म्स और चैनलों से होने वाली कमाई का एक बड़ा हिस्सा संस्थान के खाते में जाने के बजाय निजी तौर पर ठिकाने लगाया गया। विनीत ने वीडियो में कहा कि जब इन कथित अनियमितताओं और हेरफेर की पुख्ता जानकारी प्रबंधन तक पहुंची, तो हरीश बर्नवाल को संस्थान से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया। अपने दावों के समर्थन में उन्होंने कुछ ऑडियो-वीडियो रिकॉर्डिंग्स और अन्य साक्ष्य होने की बात भी कही है।
वीडियो के अंत में विनीत ने दर्शकों और समर्थकों से अपील की है कि वे हरीश बर्नवाल के दावों पर आंख मूंदकर भरोसा न करें और किसी भी प्रकार का आर्थिक सहयोग या डोनेशन देने से पहले तथ्यों की अच्छी तरह जांच-पड़ताल कर लें।
लंबे करियर और उपलब्धियों से जुड़े हैं डॉ. बर्नवाल
गौरतलब है कि डॉ. हरीश चंद्र बर्नवाल देश के जाने-माने मीडिया चेहरों में शामिल रहे हैं। प्रिंट, टीवी और डिजिटल मीडिया में दो दशक से अधिक का अनुभव रखने वाले बर्नवाल डीडी न्यूज, जी न्यूज, स्टार न्यूज (अब एबीपी न्यूज), आईबीएन7 (अब न्यूज18 इंडिया) और एनडीटीवी जैसे बड़े ब्रांड्स में वरिष्ठ संपादकीय पदों पर रह चुके हैं। हाल ही में वर्ष 2026 में उन्हें ‘मन की बात’ कार्यक्रम पर शोध के लिए डॉक्टरेट (Ph.D.) की उपाधि मिली है और वे ‘टेलीविजन की भाषा’ तथा ‘मोदी सूत्र’ जैसी चर्चित किताबों के लेखक भी हैं, जिसके लिए उन्हें भारत सरकार का भारतेंदु हरिश्चंद्र पुरस्कार भी मिल चुका है। फिलहाल वे अपने यूट्यूब चैनल के जरिए राजनीतिक विश्लेषक के रूप में सक्रिय हैं।
नोट (Disclaimer): इस खबर में लगाए गए सभी आरोप विनीत कुमार सिंह द्वारा यूट्यूब पर जारी वीडियो और दावों पर आधारित हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की गई है। इस संबंध में अभी तक हरीश बर्नवाल का कोई आधिकारिक पक्ष या स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है। यदि वे इस मामले पर अपना पक्ष रखते हैं, तो उसे भी प्रमुखता से स्थान दिया जाएगा।



Users Today : 42
Users Yesterday : 162