नई दिल्ली: टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (TRAI) और केंद्र सरकार ने टीवी ब्रॉडकास्टिंग सेक्टर को लेकर एक बड़ा और दूरगामी फैसला लिया है। ट्राई ने 14 सितंबर 2026 को जारी एक आदेश के जरिए अपने 5 अगस्त 2013 के उस पुराने आदेश को आधिकारिक रूप से वापस ले लिया है, जिसके तहत टीवी चैनलों पर प्रसारित होने वाले विज्ञापनों की साप्ताहिक रिपोर्ट देना अनिवार्य था।
सरकार और नियामक संस्था (TRAI) के इन फैसलों से देश के टेलीविजन और मीडिया उद्योग में कारोबार करना और अधिक आसान हो गया है।
क्यों लिया गया यह फैसला? मुख्य वजहें:
- 12 मिनट प्रति घंटे की सीमा हुई समाप्त: केंद्र सरकार के सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय (MIB) ने Cable Television Networks (Amendment) Rules, 2026 के तहत टीवी चैनलों पर विज्ञापनों की 12 मिनट प्रति घंटे की तय सीमा को हटा दिया है। इसके लिए Cable Television Networks Rules, 1994 के ‘रूल 7’ से ‘सब-रूल (11)’ को पूरी तरह से हटा दिया गया है।
- TRAI के नियम भी हुए रद्द: इस बदलाव के क्रम में ट्राई ने 10 सितंबर 2026 को Standards of Quality of Service (Duration of Advertisements in Television Channels) Regulations, 2012 को भी रद्द कर दिया था। इसके साथ ही इन नियमों के तहत जारी किए गए सभी पुराने निर्देश स्वतः समाप्त हो गए।
- साप्ताहिक जानकारी देने की जरूरत खत्म: चूंकि विज्ञापनों की अवधि से जुड़ी सीमा और उससे जुड़े नियम ही खत्म कर दिए गए हैं, इसलिए ब्रॉडकास्टर्स के लिए हर सप्ताह इलेक्ट्रॉनिक रूप में विज्ञापनों की जानकारी भेजने की अनिवार्यता भी अब नहीं रह गई है। इसी के चलते 5 अगस्त 2013 का आदेश वापस लिया गया है।
इंडस्ट्री पर इसका क्या असर होगा?
सरकार और ट्राई के इस कदम का मुख्य उद्देश्य टीवी ब्रॉडकास्टिंग सेक्टर में ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ (Ease of Doing Business) को बढ़ावा देना और निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा सुनिश्चित करना है। नियमों के सरल होने से ब्रॉडकास्टर्स और चैनलों को अपनी व्यावसायिक रणनीतियों को तय करने में अधिक स्वतंत्रता मिलेगी और अनावश्यक अनुपालन बोझ (Compliance Burden) से राहत मिलेगी।
यह आदेश सभी पंजीकृत ब्रॉडकास्टर्स को भेज दिया गया है, जो देश के मीडिया और टेलीविज़न सेक्टर के लिए एक बहुत बड़ा नीतिगत बदलाव साबित होने वाला है।



Users Today : 44
Users Yesterday : 162