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इंडिया टीवी महिला रिपोर्टर ने मैनेजिंग एडिटर पीयूष पद्माकर पर लगाया आरोप

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नई दिल्ली: टेलीविजन पत्रकार और ‘इंडिया टीवी’ की पूर्व रिपोर्टर इला काज़मी ने चैनल के शीर्ष संपादकीय प्रबंधन पर उत्पीड़न, सार्वजनिक अपमान और प्रतिशोध (retaliation) के गंभीर आरोप लगाए हैं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर साझा की गई दो अलग-अलग पोस्ट्स में काज़मी ने दावा किया कि उन्होंने अपनी मर्जी से चैनल नहीं छोड़ा, बल्कि कार्यस्थल पर बने प्रतिकूल माहौल और लगातार उपेक्षा के चलते उन्हें मजबूरन इस्तीफा देना पड़ा।

​”मदद की उम्मीद में गई थी, मिला सार्वजनिक अपमान”

​इला काज़मी के अनुसार, यह विवाद तब शुरू हुआ जब वे एक फील्ड रिपोर्टर के तौर पर आने वाली कामकाजी चिंताओं और मार्गदर्शन (guidance) के लिए चैनल के मैनेजिंग एडिटर (न्यूज़) पीयूष पद्माकर के पास गई थीं।

​काज़मी ने अपनी पोस्ट में साझा किया कि वे पहले भी पद्माकर को बता चुकी थीं कि एक मुस्लिम महिला के रूप में विवाह के बाद पत्रकारिता में करियर बनाना उनके लिए कितना संघर्षपूर्ण रहा है। उन्होंने आरोप लगाया:

​”उस दिन पीयूष पद्माकर ने सभी सहकर्मियों के सामने चिल्लाते हुए कहा, ‘मैं बिज़ी हूँ, बाद में आना।’ उन्होंने मुझसे अपना फोन भी दूर रखने को कहा—जैसे मैं उनकी बातें रिकॉर्ड कर रही होऊं। मैं वहां मदद और गाइडेंस के लिए गई थी, किसी विवाद के लिए नहीं। सबके सामने खुद को अपमानित और अनसुना महसूस करते हुए मुझे वहां से लौटना पड़ा।”

 

​काज़मी ने अपनी इस पोस्ट में चैनल के चेयरमैन एवं एडिटर-इन-चीफ रजत शर्मा को भी टैग करते हुए संबंधित हैशटैग्स का इस्तेमाल किया।

​शिकायत के बाद प्रतिशोध का आरोप: दो महीने तक नहीं मिली कैमरा यूनिट

​अपनी मूल पोस्ट को कोट करते हुए इला काज़मी ने असाइनमेंट डेस्क और मैनेजर सुरेंद्र गुंबर के खिलाफ दूसरा बड़ा आरोप लगाया। काज़मी का कहना है कि जब उन्होंने सुरेंद्र गुंबर के रवैये को लेकर ईमेल के माध्यम से आंतरिक स्तर पर चिंताएं उठाईं, तो उसके बाद उनके साथ प्रतिशोध जैसा व्यवहार किया गया।

​काज़मी का दावा है कि शिकायत दर्ज कराने के बाद करीब दो महीने तक उन्हें कोई कैमरा यूनिट आवंटित नहीं की गई। लगातार स्टोरी पिच करने और नियमित अपडेट मांगने के बावजूद उन्हें फील्ड कवरेज से दूर रखा गया। पेशेवर रूप से पूरी तरह दरकिनार (side-line) कर दिए जाने के बाद उन्होंने अंततः चैनल से इस्तीफा देने का फैसला किया।

​काज़मी ने मांग की है कि संस्थान को उनके ईमेल की निष्पक्ष समीक्षा करनी चाहिए और सुरेंद्र गुंबर द्वारा शिकायत के निपटारे की विधिवत जांच होनी चाहिए, ताकि भविष्य में किसी अन्य रिपोर्टर को वाजिब शिकायत दर्ज कराने की कीमत अपनी नौकरी गंवाकर न चुकानी पड़े।

​चैनल प्रबंधन का पक्ष आना बाकी

​इला काज़मी द्वारा लगाए गए इन गंभीर आरोपों पर फिलहाल इंडिया टीवी प्रबंधन, मैनेजिंग एडिटर पीयूष पद्माकर या असाइनमेंट एडिटर सुरेंद्र गुंबर की ओर से कोई आधिकारिक बयान या प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

​पृष्ठभूमि

​इला काज़मी इससे पहले ‘मिरर नाउ’ और ‘एबीपी न्यूज़’ जैसे प्रमुख मीडिया संस्थानों में कार्य कर चुकी हैं। उन्होंने जामिया मिलिया इस्लामिया और लखनऊ विश्वविद्यालय से उच्च शिक्षा प्राप्त की है। इंडिया टीवी के आधिकारिक डिजिटल हैंडल्स पर मई 2026 तक की कई बड़ी खबरों में उन्हें फील्ड रिपोर्टर के तौर पर क्रेडिट दिया गया है।

​वहीं, पीयूष पद्माकर वर्ष 2008 से इंडिया टीवी से जुड़े हैं और 2017 से मैनेजिंग एडिटर (न्यूज़) के पद पर कार्यरत हैं। चैनल की आधिकारिक वेबसाइट पर सुरेंद्र गुंबर असाइनमेंट एडिटर के रूप में सूचीबद्ध हैं, जिन्हें 2017 में एडिटर-असाइनमेंट की जिम्मेदारी दी गई थी।

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Author: media4samachar

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