2012 बैच के IPS अधिकारी संतोष कुमार मिश्रा को मिली कानपुर संयुक्त पुलिस आयुक्त की जिम्मेदारी, संकल्प शर्मा का गाजियाबाद तबादला | गैंगस्टर विजय मिश्रा से जुड़े मामले में करीब 11 करोड़ की संपत्ति कुर्क कराने में रही अहम भूमिका
कानपुर। उत्तर प्रदेश में पुलिस प्रशासन के स्तर पर हुए तबादलों के बाद कानपुर पुलिस कमिश्नरेट को नया संयुक्त पुलिस आयुक्त (JCP) मिल गया है। वर्ष 2012 बैच के तेजतर्रार आईपीएस अधिकारी संतोष कुमार मिश्रा को कानपुर का नया संयुक्त पुलिस आयुक्त नियुक्त किया गया है। इससे पहले वह पुलिस ट्रेनिंग सेंटर, जालौन में पुलिस उपमहानिरीक्षक (DIG) के पद पर तैनात थे। वहीं, कानपुर के संयुक्त पुलिस आयुक्त संकल्प शर्मा का तबादला गाजियाबाद कर दिया गया है। उनके स्थान पर संतोष कुमार मिश्रा को कानपुर की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है।
संतोष कुमार मिश्रा की नियुक्ति ऐसे समय में हुई है, जब कानपुर जैसे बड़े औद्योगिक एवं व्यावसायिक शहर में कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण, संगठित अपराध और पुलिसिंग को लेकर कई महत्वपूर्ण चुनौतियां हैं। ऐसे में उनके प्रशासनिक अनुभव और पूर्व में विभिन्न जिलों में किए गए कार्यों पर सबकी निगाहें रहेंगी।
उनकी पहचान केवल सख्त पुलिस अधिकारी के रूप में ही नहीं, बल्कि जरूरतमंदों के प्रति संवेदनशीलता रखने वाले अधिकारी के तौर पर भी रही है। अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई करने के साथ-साथ गरीब बच्चों की शिक्षा में सहयोग और सामाजिक जिम्मेदारियों के निर्वहन के लिए भी वह चर्चा में रहे हैं।
विदेश की नौकरी छोड़ देश सेवा का चुना रास्ता
IPS संतोष कुमार मिश्रा की जीवन यात्रा युवाओं के लिए प्रेरणादायक मानी जाती है। मूल रूप से बिहार की राजधानी पटना के रहने वाले संतोष कुमार मिश्रा के पिता लक्ष्मण मिश्रा भारतीय सेना में कार्यरत रहे हैं और सेवानिवृत्त हो चुके हैं।
उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा बिहार से पूरी की। इसके बाद पुणे विश्वविद्यालय से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में बीटेक की पढ़ाई की। इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल करने के बाद उन्होंने विदेश में करीब चार वर्षों तक नौकरी की। बेहतर करियर और विदेश में नौकरी के अवसर होने के बावजूद उनके मन में देश की सेवा करने की इच्छा थी।
इसी उद्देश्य से उन्होंने विदेश की नौकरी छोड़कर UPSC सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी शुरू की। कठिन परिश्रम और दृढ़ संकल्प के साथ उन्होंने संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षा उत्तीर्ण की और वर्ष 2012 में भारतीय पुलिस सेवा में चयनित हुए।
उनका यह सफर इंजीनियरिंग की पढ़ाई से लेकर विदेश में नौकरी और फिर देश की आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था का हिस्सा बनने तक युवाओं के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण है।
गैंगस्टर विजय मिश्रा से जुड़े मामले में 11 करोड़ की संपत्ति पर कार्रवाई
संतोष कुमार मिश्रा की पुलिसिंग की चर्चा अपराधियों के खिलाफ की गई सख्त कार्रवाइयों को लेकर भी होती रही है। गोंडा में तैनाती के दौरान गैंगस्टर विजय मिश्रा के परिवार से जुड़ी करीब 11 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क करने की कार्रवाई में उनकी अहम भूमिका बताई जाती है।
इस कार्रवाई को अपराध से अर्जित संपत्तियों के खिलाफ पुलिस की सख्त नीति के रूप में देखा गया था। उनकी कार्यशैली में अपराधियों पर कानूनी शिकंजा कसने के साथ-साथ संगठित अपराध पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने पर जोर रहा है।
विभिन्न जिलों में पुलिस अधीक्षक के रूप में कार्य करते हुए उन्होंने कानून-व्यवस्था बनाए रखने और अपराध नियंत्रण की दिशा में काम किया। उनकी छवि एक ऐसे अधिकारी की रही है, जो पुलिस प्रशासन में अनुशासन और जवाबदेही को महत्व देते हैं।
स्कूल पहुंचकर बच्चों को पढ़ाया, जरूरतमंद विद्यार्थियों की भी की मदद
संतोष कुमार मिश्रा की कार्यशैली का एक दूसरा महत्वपूर्ण पहलू शिक्षा और सामाजिक सरोकारों से जुड़ा है। कई जिलों में तैनाती के दौरान उन्होंने जरूरतमंद बच्चों की शिक्षा को लेकर विशेष रुचि दिखाई।
वह स्वयं प्राथमिक विद्यालयों में पहुंचकर बच्चों को पढ़ाते नजर आए। आर्थिक तंगी अथवा अन्य परेशानियों के कारण जिन बच्चों की पढ़ाई बीच में छूटने की आशंका थी, उनकी शिक्षा जारी रखने में भी उन्होंने सहयोग किया।
उनका मानना रहा है कि पुलिस अधिकारी की जिम्मेदारी केवल अपराध नियंत्रण और कानून-व्यवस्था तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि समाज के कमजोर और जरूरतमंद वर्गों के लिए भी सकारात्मक भूमिका निभानी चाहिए।
यही वजह है कि उनकी कार्यशैली में एक तरफ अपराधियों के प्रति सख्ती और दूसरी तरफ आम नागरिकों एवं बच्चों के प्रति संवेदनशीलता देखने को मिलती है।
डीजीपी कमेंडेशन डिस्क से भी हो चुके हैं सम्मानित
उत्तर प्रदेश पुलिस के आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार, संतोष कुमार मिश्रा को उनके कार्यों के लिए सिल्वर, गोल्ड और प्लैटिनम डीजीपी कमेंडेशन डिस्क से सम्मानित किया जा चुका है। ये सम्मान पुलिस सेवा में उनके योगदान और कार्यों की सराहना को दर्शाते हैं।
पुलिस सेवा के दौरान विभिन्न जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हुए उन्होंने प्रशासनिक अनुभव हासिल किया है। अब कानपुर पुलिस कमिश्नरेट में संयुक्त पुलिस आयुक्त के रूप में उनकी नई पारी शुरू होने जा रही है।
कानपुर की कानून-व्यवस्था पर रहेंगी निगाहें
कानपुर उत्तर प्रदेश के प्रमुख औद्योगिक शहरों में शामिल है। यहां संगठित अपराध, अपराध नियंत्रण, यातायात व्यवस्था, महिला सुरक्षा और आम नागरिकों की शिकायतों का प्रभावी निस्तारण पुलिस प्रशासन के सामने महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां हैं।
ऐसे में नए संयुक्त पुलिस आयुक्त संतोष कुमार मिश्रा के सामने पुलिस व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने की चुनौती होगी। उनके पूर्व अनुभव और कार्यशैली को देखते हुए उनसे बेहतर कानून-व्यवस्था, अपराधियों पर प्रभावी कार्रवाई और आम जनता के बीच पुलिस के प्रति विश्वास मजबूत करने की अपेक्षा की जा रही है।
अब देखना होगा कि कानपुर में नई जिम्मेदारी संभालने के बाद संतोष कुमार मिश्रा अपनी कार्यशैली और अनुभव से पुलिस कमिश्नरेट को किस तरह नई दिशा देते हैं।
विदेश की नौकरी छोड़कर देश सेवा का रास्ता चुनने वाले संतोष कुमार मिश्रा की कानपुर में नई जिम्मेदारी पर पुलिस महकमे और शहरवासियों की निगाहें टिकी हैं।




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