महादेव ऑनलाइन बेटिंग ऐप मामले में भारतीय जांच एजेंसियों (ED, CBI और राज्य पुलिस) को एक और बड़ी और अहम कामयाबी हाथ लगी है। इस अवैध बेटिंग नेटवर्क के सह-संस्थापक और मुख्य आरोपियों में से एक, रवि उप्पल को दुबई में गिरफ्तार कर लिया गया है। यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है, जब हाल ही में इस नेटवर्क के दूसरे मास्टरमाइंड सौरभ चंद्राकर को ओमान से प्रत्यर्पित कर भारत लाया गया था।
यहाँ इस पूरे मामले की विस्तृत जानकारी दी गई है:
1. दुबई में ‘हेड ऑफिस’ और वानुआतु का फर्जी पासपोर्ट
छत्तीसगढ़ के भिलाई के रहने वाले रवि उप्पल और सौरभ चंद्राकर पर इस पूरे सिंडिकेट को दुबई से संचालित करने का आरोप है। दुबई में ही इन्होंने अपना ‘हेड ऑफिस’ बना रखा था। सीबीआई अधिकारियों के अनुसार, जांच से बचने के लिए इन दोनों ने कथित तौर पर फर्जी दस्तावेजों के जरिए वानुआतु (Vanuatu) देश का पासपोर्ट भी हासिल कर लिया था। उप्पल की गिरफ्तारी से पहले रविवार को सौरभ चंद्राकर को इंटरपोल के रेड कॉर्नर नोटिस के आधार पर ओमान से भारत लाया गया था, जो फिलहाल पूछताछ के लिए दिल्ली में है।
2. 75,000 करोड़ का साम्राज्य और हवाला के जरिए लेनदेन
यह कोई सामान्य सट्टेबाजी का मामला नहीं है। मीडिया रिपोर्ट्स और जांच एजेंसियों के अनुमान के मुताबिक, इस पूरे अवैध नेटवर्क का आकार 75,000 करोड़ रुपये से भी अधिक है। सट्टेबाजी से जुटाए गए इस काले धन का एक बड़ा हिस्सा हवाला नेटवर्क के जरिए विदेशों में भेजा जाता था। इसके अलावा, इस रकम का उपयोग भारत में कई लोगों को कमीशन, रिश्वत और अवैध भुगतान के रूप में करने के भी गंभीर आरोप हैं। मुनाफे का करीब 80 फीसदी हिस्सा सीधे रवि उप्पल और सौरभ चंद्राकर की जेब में जाता था।
3. कैसे काम करता था यह अवैध सिंडिकेट?
महादेव ऑनलाइन बुक केवल एक ऐप तक सीमित नहीं था, बल्कि इसे कई वेबसाइटों और मैसेजिंग ऐप्स के ‘क्लोज्ड ग्रुप्स’ (Closed Groups) के जरिए चलाया जाता था। इसकी कार्यप्रणाली कुछ इस तरह थी:
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फ्रेंचाइजी और पैनल ओनर: दोनों आरोपी छोटे फ्रेंचाइजी मॉडल की तरह अपने नेटवर्क का विस्तार करते थे। ये देश भर में ‘पैनल ओनर’ बनाते थे, जिनका काम ग्राहकों को फंसाना होता था।
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वॉट्सऐप के जरिए जाल: सोशल मीडिया और वेबसाइट्स पर लुभावने विज्ञापन दिए जाते थे। लिंक पर क्लिक करते ही ग्राहक एक वॉट्सऐप नंबर पर जुड़ जाता था।
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पैसों के बदले टोकन: ग्राहकों को सट्टा लगाने के लिए कुछ तय बैंक खातों में पैसे जमा करने होते थे। उदाहरण के लिए, 5,000 रुपये जमा करने पर यूजर आईडी में 10,000 टोकन क्रेडिट कर दिए जाते थे, जिससे वे दांव लगाते थे।
4. खेलों से लेकर भारतीय चुनावों तक पर सट्टा
इस प्लेटफॉर्म पर सट्टेबाजी का दायरा बेहद व्यापक था। इसमें क्रिकेट, बैडमिंटन, टेनिस और फुटबॉल जैसे लोकप्रिय खेलों पर दांव लगाए जाते थे। साथ ही, तीन पत्ती, पोकर और ड्रैगन टाइगर जैसे कार्ड गेम्स की भी सुविधा थी। जांच में यह चौंकाने वाली बात भी सामने आई है कि महादेव ऐप के जरिए भारत में होने वाले चुनावों पर भी सट्टा लगाया जाता था।
5. जांच एजेंसियों की आगे की रणनीति
सौरभ चंद्राकर के बाद अब रवि उप्पल के भी कानून के शिकंजे में आने से जांच एजेंसियों को बड़ी उम्मीदें हैं। अब उप्पल को दुबई से भारत लाने (प्रत्यर्पण) की कानूनी प्रक्रिया शुरू की जाएगी। ईडी और सीबीआई को उम्मीद है कि इन दोनों मास्टमाइंड्स से आमने-सामने पूछताछ करने पर हवाला नेटवर्क, इसमें शामिल रसूखदार लोगों (सफेदपोशों) और मनी लॉन्ड्रिंग के पूरे खेल की अहम जानकारियां और सबूत हासिल हो सकेंगे।




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