Home » टीवी » बड़ा प्रशासनिक फेरबदल: शशि शेखर वेम्पति बने CBFC के नए चेयरमैन,प्रसून जोशी को प्रसार भारती की कमान

बड़ा प्रशासनिक फेरबदल: शशि शेखर वेम्पति बने CBFC के नए चेयरमैन,प्रसून जोशी को प्रसार भारती की कमान

71 Views

केंद्र सरकार ने मीडिया और मनोरंजन जगत के नियामक ढांचे में एक बड़ा बदलाव करते हुए प्रसार भारती के पूर्व मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) और पद्मश्री से सम्मानित शशि शेखर वेम्पति को केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) का नया चेयरपर्सन नियुक्त किया है। वेम्पति इस पद पर मशहूर गीतकार और कवि प्रसून जोशी का स्थान लेंगे।

​वहीं, प्रसून जोशी को हाल ही में प्रसार भारती के चेयरमैन के रूप में नई जिम्मेदारी सौंपी गई है। नेतृत्व का यह आदान-प्रदान ऐसे समय में हुआ है जब देश में फिल्म प्रमाणन, ओटीटी कंटेंट रेगुलेशन और रचनात्मक स्वतंत्रता को लेकर व्यापक बहस चल रही है।

​टेक्नोक्रेट वेम्पति: आईआईटी से लेकर ‘पद्मश्री’ तक का सफर

​शशि शेखर वेम्पति को एक कुशल ‘टेक्नोक्रेट’ और पॉलिसी एक्सपर्ट माना जाता है। उनके पास शासन, प्रौद्योगिकी और मीडिया का दो दशकों से अधिक का अनुभव है:

  • ​शिक्षा और शुरुआती करियर: आईआईटी बॉम्बे के पूर्व छात्र वेम्पति ने अपने करियर के 16 से अधिक साल इंफोसिस में बिताए, जहाँ उन्होंने डिजिटल इनोवेशन और प्रोडक्ट स्ट्रेटजी में महारत हासिल की।
  • ​प्रसार भारती का कायाकल्प: 2017 से 2022 तक प्रसार भारती के CEO के रूप में, उन्होंने दूरदर्शन और आकाशवाणी के डिजिटलीकरण में क्रांतिकारी भूमिका निभाई। उनके कार्यकाल में ही डीडी इंडिया को वैश्विक स्तर पर पहचान मिली।
  • ​नीतिगत सुधार: 2020 के टीवी रेटिंग विवाद के दौरान, उन्होंने सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय की उस समिति का नेतृत्व किया जिसने टीआरपी सिस्टम में पारदर्शिता लाने के लिए महत्वपूर्ण सिफारिशें दी थीं।

​BARC से इस्तीफा और नई भूमिका

​अपनी नियुक्ति से ठीक पहले, वेम्पति ने ब्रॉडकास्ट ऑडियंस रिसर्च काउंसिल (BARC) के बोर्ड से इस्तीफा दे दिया था, जहाँ वे 2024 से प्रोफेशनल डायरेक्टर के रूप में कार्यरत थे। हालांकि उन्होंने इसके पीछे व्यक्तिगत कारणों का हवाला दिया था, लेकिन अब इसे CBFC की बड़ी जिम्मेदारी के पूर्व संकेत के रूप में देखा जा रहा है।

​CBFC के सामने उभरती चुनौतियां

​वेम्पति की नियुक्ति फिल्म उद्योग के लिए एक नया मोड़ साबित हो सकती है। उनके कार्यकाल के दौरान निम्नलिखित मुद्दों पर ध्यान केंद्रित रहने की उम्मीद है:

  1. ​कंटेंट रेगुलेशन और रचनात्मक स्वतंत्रता: सेंसर बोर्ड अक्सर अपनी कैंची चलाने को लेकर विवादों में रहता है। एक डिजिटल विशेषज्ञ के रूप में, वेम्पति से उम्मीद है कि वे ‘सेंसरशिप’ के बजाय ‘सर्टिफिकेशन’ (प्रमाणन) की प्रक्रिया को अधिक तर्कसंगत बनाएंगे।
  2. ​डिजिटल पारदर्शिता: प्रमाणन की प्रक्रिया को पूरी तरह ऑनलाइन और तेज बनाने में उनके तकनीकी अनुभव का लाभ मिलेगा।
  3. ​बदलते दर्शक वर्ग: ओटीटी के दौर में फिल्मों के रेटिंग सिस्टम को वैश्विक मानकों के अनुरूप ढालना उनकी प्राथमिकता हो सकती है।

​निष्कर्ष

​जहाँ प्रसून जोशी अब प्रसार भारती के माध्यम से देश के सार्वजनिक प्रसारक को नई सांस्कृतिक ऊंचाई देने की कोशिश करेंगे, वहीं शशि शेखर वेम्पति के कंधों पर भारतीय सिनेमा के नियामक ढांचे को आधुनिक और पारदर्शी बनाने की जिम्मेदारी होगी। यह फेरबदल संकेत देता है कि सरकार अब मीडिया रेगुलेशन में ‘क्रिएटिविटी’ और ‘टेक्नोलॉजी’ के बीच एक मजबूत संतुलन बनाना चाहती है।

media4samachar
Author: media4samachar

Live Cricket

Daily Astrology