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लखनऊ: सफलता पाठक किसी पर 376 लगवा देती,फिजिकल किसी के साथ फंसेगा कोई

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लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से एक ऐसा सनसनीखेज मामला सामने आया है जिसने पुलिस प्रशासन और आम जनता के होश उड़ा दिए हैं। दैनिक भास्कर की टीम द्वारा किए गए एक साहसिक स्टिंग ऑपरेशन में एक ऐसे संगठित गिरोह का खुलासा हुआ है, जो निर्दोष पुरुषों को दुष्कर्म और पॉक्सो (POCSO) जैसे संगीन मामलों में फंसाकर उनसे मोटी रकम वसूलने का काला कारोबार कर रहा है।

​3 महीने का अंडरकवर ऑपरेशन और सफलता पाठक का नाम

​दैनिक भास्कर की टीम ने लगभग 3 महीने तक इस गिरोह की गतिविधियों पर नजर रखी और साक्ष्य जुटाए। इस स्टिंग में सफलता पाठक नामक महिला का नाम मुख्य सरगना के रूप में सामने आया है। वीडियो में वह महिला बेखौफ होकर यह स्वीकार करती दिख रही है कि वह किसी को भी जेल भिजवाने की ताकत रखती है। उसके पास 20 से ज्यादा लड़कियों की एक टीम है, जिसमें नाबालिग लड़कियां भी शामिल हैं, जिनका इस्तेमाल वह मोहरे के तौर पर करती है।

​साजिश का खौफनाक तरीका: पहले ‘फिजिकल रिलेशन’, फिर केस

​स्टिंग के दौरान महिला ने अपनी कार्यप्रणाली का जो खुलासा किया, वह चौंकाने वाला है। गिरोह की साजिश के मुख्य चरण इस प्रकार हैं:

  1. ​मेडिकल एविडेंस की तैयारी: सबसे पहले लड़की का शारीरिक संबंध किसी अन्य व्यक्ति से कराया जाता है ताकि मेडिकल जांच में दुष्कर्म की पुष्टि के लिए आवश्यक साक्ष्य मौजूद रहें।
  2. ​टारगेट का चयन: इसके बाद जिस व्यक्ति को फंसाना या जिससे वसूली करनी होती है, उसी लड़की के जरिए उस पर दुष्कर्म का आरोप मढ़ दिया जाता है।
  3. ​पुलिस और एफआईआर: महिला ने दावा किया कि उसकी पुलिस में गहरी सेटिंग है और वह किसी भी थाने में मुकदमा दर्ज करा सकती है, जिससे आरोपी की जमानत होना नामुमकिन हो जाए।

​लाखों का ‘रेट कार्ड’ आया सामने

​इस काले धंधे में मुकदमों की गंभीरता के हिसाब से रेट तय किए गए हैं:

  • ​पॉक्सो केस (नाबालिग के जरिए): 20 लाख रुपये से अधिक।
  • ​रेप केस (बालिग के जरिए): 15 से 18 लाख रुपये।
  • ​नारकोटिक्स प्लांटिंग: कार में नशीले पदार्थ रखवाकर गिरफ्तारी कराने के लिए भी अलग से सौदेबाजी की जाती है।

​सोशल मीडिया पर आक्रोश और सुरक्षा का सवाल

​सोशल मीडिया हैंडल ‘मिच्च मसाला’ समेत तमाम प्लेटफॉर्म्स पर इस खुलासे के बाद हड़कंप मचा हुआ है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि आखिर एक आम पुरुष ऐसे संगठित अपराधों से खुद को कैसे सुरक्षित रखे? महिला ने वीडियो में यह भी धमकी दी कि उनके साथ धोखा करने वाला यूपी के 75 जिलों में कहीं भी नहीं छिप पाएगा, जो इस गिरोह के दुस्साहस को दर्शाता है।

​कठोर कार्रवाई की दरकार

​यह स्टिंग ऑपरेशन न केवल एक आपराधिक गिरोह को बेनकाब करता है, बल्कि उन कानूनों के दुरुपयोग की ओर भी इशारा करता है जो महिलाओं की सुरक्षा के लिए बनाए गए थे। विशेषज्ञों का मानना है कि इस गिरोह ने न जाने कितने निर्दोषों का भविष्य बर्बाद किया होगा। अब गेंद लखनऊ पुलिस के पाले में है कि वह इस स्टिंग के आधार पर सफलता पाठक और उसके पूरे नेटवर्क पर कितनी प्रभावी और कठोर कार्रवाई करती है।

​मुख्य हाइलाइट्स:

  • ​दैनिक भास्कर के स्टिंग में ‘हनीट्रैप’ और ‘फर्जी केस’ के बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश।
  • ​सरगना सफलता पाठक का दावा— 20 लड़कियों की टीम है पास।
  • ​रेप केस के लिए 15 लाख और पॉक्सो के लिए 20 लाख का रेट फिक्स।
  • ​पुलिस विभाग में सेटिंग और पूरे यूपी में फैले जाल का खौफनाक दावा।
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Author: media4samachar

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