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एंकर नेहा दुबे के पॉडकास्ट में जगतगुरु भवानी जी ने किया बड़ा खुलासा

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‘kadakk bedhadak official’ डिजिटल प्लेटफॉर्म के विशेष टॉक-शो में एंकर नेहा दुबे ने जगतगुरु दुर्गाचार्य भवानी जी (कंचन भवानी) के साथ एक बेहद तीखा और विस्फोटक इंटरव्यू किया। इस बातचीत में देश के सबसे संवेदनशील धार्मिक मुद्दों जैसे—राम मंदिर चंदा विवाद, अखाड़ों के भीतर का कथित भ्रष्टाचार, महाकुंभ की जमीनी हकीकत और लव जिहाद जैसे गंभीर विषयों पर खुलकर चर्चा की गई। जगतगुरु भवानी जी ने बिना किसी डर के सनातन धर्म के नाम पर पाखंड करने वाले ‘कालनेमियों’ (फर्जी संतों) को बेनकाब किया।

​पॉडकास्ट में हुई इस विस्तृत और बेबाक बातचीत पर आधारित मुख्य रिपोर्ट नीचे दी गई है:

​1. राम मंदिर चंदा चोरी विवाद: “आस्था के साथ हुआ खिलवाड़”

​इंटरव्यू की शुरुआत में एंकर नेहा दुबे ने राम मंदिर निर्माण के 50 वर्षों के लंबे संघर्ष और कारसेवकों के बलिदान का जिक्र करते हुए वर्तमान में चल रहे चंदा चोरी के आरोपों पर सवाल दागा।

​इस पर गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए भवानी जी ने कहा:

​”यह पूरे हिंदुस्तान और दुनिया भर के सनातनी लोगों के लिए शर्मिंदगी का विषय है। लोगों ने अपनी गाढ़ी कमाई, एक-एक रुपया, सोना-चांदी मंदिर के लिए दान किया। लेकिन चंपत राय जी के रहते हुए सारा चंदा ‘चंपत’ हो गया।”

 

​उन्होंने आगे गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि टिन्नू यादव जैसे लोग संरक्षण में चोरी कर रहे थे। चप्पे-चप्पे पर सीसीटीवी लगे होने और सुरक्षा गार्ड होने के बावजूद महीनों तक कैमरे बंद रहे और इतनी बड़ी धनराशि का गमन हो गया, जो बिना आंतरिक मिलीभगत के संभव नहीं है। उन्होंने मांग की कि अब राम मंदिर ट्रस्ट की जिम्मेदारी पुरुषों के बजाय किसी समर्पित और ईमानदार महिला साध्वी को दी जानी चाहिए।

​2. अखाड़ों में राजनीतिक भ्रष्टाचार और लग्जरी लाइफ

​अखाड़ों की आंतरिक व्यवस्था पर प्रहार करते हुए भवानी जी ने कहा कि देश की राजनीति से भी बड़ा और गहरा भ्रष्टाचार आज अखाड़ों के भीतर पैर पसार चुका है। जो संत समाज को मोह, माया, लोभ और वासना से दूर रहने का उपदेश देते हैं, वे खुद करोड़ों की लग्जरी गाड़ियों (BMW, Mercedes) और चार्टर्ड प्लेनों में घूम रहे हैं।

​उन्होंने दावा किया कि अखाड़ों में योग्यता या चरित्र देखे बिना, सिर्फ पैसे के दम पर रातों-रात ‘महामंडलेश्वर’ जैसी सम्मानित पदवियां बांट दी जाती हैं। उन्होंने कड़े शब्दों में कहा कि कई मठाधीशों की संपत्तियों और उनके व्यक्तिगत चरित्र की निष्पक्ष डीएनए (DNA) जांच होनी चाहिए ताकि उनका असली चेहरा जनता के सामने आ सके।

​3. महाकुंभ और टैक्सपेयर्स के पैसों का दुरुपयोग

​आगामी महाकुंभ की व्यवस्थाओं पर बात करते हुए उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश सरकार से एक विशेष अपील की। भवानी जी ने कहा कि सरकार द्वारा विभिन्न अखाड़ों को दिए जाने वाले करोड़ रुपये के सरकारी फंड की बेहद सख्त निगरानी की जानी चाहिए।

​उन्होंने तीखा तंज कसते हुए कहा:

​”जनता का टैक्स का पैसा देश के निर्माण, सड़कों और गरीब बच्चों की शिक्षा के लिए है, न कि कुंभ में बैठकर चिलम फूंकने, गांजा, अफीम और चरस का धुआं उड़ाने वाले पाखंडी संतों के शौक पूरे करने के लिए।”

 

​उन्होंने अखाड़ों में आने वाली गंदगी का जिक्र करते हुए उज्जैन कुंभ (2016) की कुछ मीडिया रिपोर्ट्स का भी हवाला दिया और कहा कि ऐसे पापी संतों के बीच जाकर कोई पाप मुक्त नहीं हो सकता।

​4. लव जिहाद, धर्म परिवर्तन और धर्माचार्यों की लापरवाही

​लव जिहाद और आदिवासी बेल्ट में तेजी से हो रहे क्रिश्चियन धर्म परिवर्तन के मामलों पर एंकर नेहा दुबे ने जब चिंता जताई, तो भवानी जी ने इसका मुख्य जिम्मेदार आज के आधुनिक धर्माचार्यों को ठहराया।

​उन्होंने कहा कि पुराने समय में संत और शंकराचार्य गांव-गांव, गली-मोहल्ले जाकर सनातन धर्म के प्रति जागरूकता फैलाते थे। लेकिन आज के बड़े संत आलीशान आश्रमों और लग्जरी कमरों से बाहर नहीं निकलना चाहते। जब तक उन्हें लाखों रुपये की दक्षिणा न दी जाए, वे कथा करने नहीं जाते। इसी का फायदा उठाकर दूसरे धर्मों के लोग झुग्गी-झोपड़ियों और कॉलेजों में जाकर हमारे बच्चों को बरगला रहे हैं। उन्होंने अपनी संस्था द्वारा की गई दो लड़कियों के रेस्क्यू ऑपरेशन का उदाहरण देते हुए कहा कि बेटियों को अवेयर करने के लिए हर स्कूल-कॉलेज में काउंसलिंग सत्र चलाने की जरूरत है।

​5. शंकराचार्य बनाम योगी सरकार विवाद पर बड़ा बयान

​प्रयागराज महाकुंभ के दौरान शंकराचार्य स्वामी मुक्तेश्वरानंद और उत्तर प्रदेश की योगी सरकार के बीच हुए विवाद पर भवानी जी ने खुलकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का समर्थन किया।

​उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि मुख्यमंत्री सुरक्षा और व्यवस्था के लिहाज से बिल्कुल सही थे। उन्होंने कहा:

​”चाहे कोई कितना भी बड़ा शंकराचार्य क्यों न हो, वह शिव के समान पूजनीय है, लेकिन कानून और व्यवस्था के नियम सबके लिए बराबर होने चाहिए। अगर धर्माचार्य ही नियमों का उल्लंघन करेंगे और उल्टे रास्ते से प्रवेश करने की जिद करेंगे, तो आम जनता को क्या संदेश जाएगा?”

 

​निष्कर्ष और संदेश

​एंकर नेहा दुबे के इस पूरे पॉडकास्ट का मुख्य निष्कर्ष यह रहा कि सनातन धर्म अपने आप में बेहद खूबसूरत, वैज्ञानिक और प्रकृति से जुड़ा हुआ है। लेकिन धर्म की आड़ में छिपे कुछ ढोंगी और लोभी तत्वों के कारण इसकी बदनामी हो रही है। जगतगुरु भवानी जी ने देश की भोली-भाली जनता से अपील की कि वे आँखें बंद करके किसी भी रील्स या सोशल मीडिया के बाबाओं के पाखंड के चक्कर में न पड़ें और अखाड़ा परिषद में तत्काल एक बड़ा ‘सफाई अभियान’ चलाकर इन विसंगतियों को दूर किया जाए।

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Author: media4samachar

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