ऋषि मिश्रा-
अपनी पहली किताब छप गई, चौपटगंज किस्सों का गुलदस्ता
यह बहुत खुशी का मौका है। पहली कोशिश है और कैसी है ये तो पाठक ही बताएंगे। मेरी पहली किताब ‘चौपटगंज, किस्सों का गुलदस्ता’ पब्लिश हो गई है। सौभाग्यशाली हूं कि आदरणीय ब्रजेश मिश्रा सर और आदरणीय वीरेंद्र सिंह सर ने भारत समाचार के न्यूज रूम में मेरी पहली किताब का विमोचन आज शाम किया।
पुराने लखनऊ की मिट्टी की सोंधी महक लिए हुए मेरी यह किताब, 90 के दशक के किस्सों से लबरेज़ है। इसमें एक्शन है, ड्रामा है, पॉलिटिक्स है और सबसे बढ़कर देश के तत्कालीन प्रधानमंत्री का इस इलाके से खास प्रेम और कैसे राजनीतिक गतिविधियां यहां से होकर पूरे प्रदेश में पहुंचती थीं, इस सब का जिक्र किया गया है। इस किताब को पढ़कर कहीं ना कहीं आप लोगों को लगेगा कि आप अपने ही मोहल्ले की किसी गली में घूम रहे हैं और सामने इन नजारों को देख रहे हैं।
पहली कोशिश है इसलिए निश्चित तौर पर गलतियां भी होंगी। बहुत जल्दी यह किताब फ्लिपकार्ट और अमेजॉन जैसे प्लेटफार्म पर उपलब्ध होगी। विशेष तौर पर ब्रजेश सर और वीरेंद्र सर का धन्यवाद जिन्होंने अपने कर कमलों से इस किताब का विमोचन किया।




Users Today : 167
Users Yesterday : 272