बेतिया (पश्चिम चंपारण)। बिहार के पश्चिम चंपारण (बेतिया) जिला जनसंपर्क कार्यालय (DPRO) ने एक सरकारी अधिकारी के आवास पर समाचार संकलन, फोटोग्राफी और वीडियो बनाने के मामले में कड़ा रुख अपनाया है। जिला जनसंपर्क कार्यालय ने देश और राज्य के कई बड़े मीडिया संस्थानों से जुड़े पत्रकारों को कारण बताओ (शो-कॉज) नोटिस जारी किया है।

इस नोटिस के जरिए पत्रकारों से दो दिनों के भीतर लिखित स्पष्टीकरण मांगा गया है। प्रशासन ने पत्रकारों से पूछा है कि उन्होंने यह कार्रवाई किस आधार पर की और भविष्य में इस तरह की स्थिति को दोबारा होने से रोकने के लिए वे क्या कदम उठाएंगे।
इन मीडिया संस्थानों के पत्रकारों को मिला नोटिस
8 जुलाई 2026 को जारी किए गए इस आधिकारिक नोटिस में देश के प्रमुख समाचार चैनलों और अखबारों के नाम शामिल हैं, जिनमें मुख्य रूप से हैं:
- न्यूज़ नेशन
- जी मीडिया
- न्यूज़ 24
- एनडीटीवी
- कशिश न्यूज़
- प्रभात खबर
- एनबीसी
- दैनिक जागरण
- एएनआई (ANI)
क्या है पूरा मामला?
नोटिस के अनुसार, बेतिया के प्रभारी अंचलाधिकारी (CO) ने जिला जनसंपर्क कार्यालय को लिखित शिकायत दी थी। शिकायत में कहा गया कि 7 जुलाई 2026 को विभिन्न व्हाट्सएप समूहों और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर उनके संबंध में विजिलेंस (सतर्कता विभाग) की छापेमारी से जुड़ी “भ्रामक एवं अपुष्ट” खबरें प्रसारित की गईं।
आरोप है कि इस भ्रामक खबर के बाद कई मीडिया प्रतिनिधि बिना किसी आधिकारिक पुष्टि के सीधे प्रभारी अंचलाधिकारी के सरकारी आवास पर पहुंच गए। वहां मौजूद पत्रकारों ने आवास परिसर के साथ-साथ वहां खड़े सरकारी और निजी वाहनों की वीडियो रिकॉर्डिंग और फोटोग्राफी भी की।
प्रशासन का तर्क: निजता और गरिमा पर ठेस
जिला जनसंपर्क कार्यालय ने नोटिस में स्पष्ट किया है कि मीडिया का इस प्रकार का आचरण संबंधित अधिकारी की गरिमा, निजता (प्राइवेसी) और शासकीय कार्यों पर प्रतिकूल प्रभाव डालता है।
प्रशासन की सलाह: “भविष्य में किसी भी समाचार के प्रकाशन या प्रसारण से पहले सक्षम प्राधिकारी अथवा जिला प्रशासन से तथ्यों की पुष्टि करना अनिवार्य है। साथ ही, सरकारी पदाधिकारियों के आवास पर अनावश्यक रूप से एकत्र होने या वीडियो और फोटोग्राफी करने से बचना चाहिए।”
जवाब न देने पर होगी कानूनी कार्रवाई
जिला प्रशासन ने नोटिस में पत्रकारों को सख्त निर्देश दिया है कि वे नोटिस मिलने के दो दिनों के भीतर अपना लिखित स्पष्टीकरण अनिवार्य रूप से जमा करें।
प्रशासन ने चेतावनी दी है कि यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर संतोषजनक जवाब प्राप्त नहीं होता है, या भविष्य में ऐसी किसी घटना की पुनरावृत्ति होती है, तो उपलब्ध नियमों और विधि-सम्मत प्रावधानों के तहत सक्षम प्राधिकारी के समक्ष आवश्यक कानूनी कार्रवाई के लिए मामला भेजा जाएगा।





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