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रिपब्लिक भारत चैनल के यूपी हेड राघवेंद्र पांडेय को दूरदर्शन में मिली बड़ी जिम्मेदारी

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16 वर्षों की पत्रकारिता, सत्ता से संघर्ष तक की रिपोर्टिंग, आंदोलनों से लेकर ऐतिहासिक घटनाओं की ग्राउंड कवरेज तक… अब दूरदर्शन न्यूज़ के राष्ट्रीय मंच पर दिखेगा राघवेन्द्र पाण्डेय का पत्रकारिता का अंदाज

Media4samachar से बातचीत में राघवेंद्र पाण्डेय ने अपने नए सफर की जानकारी दी हैं

पत्रकारिता केवल खबर दिखाने का माध्यम नहीं, बल्कि सच को सामने लाने, जनता की आवाज बनने और इतिहास के महत्वपूर्ण पन्नों को दर्ज करने का एक दायित्व भी है। इसी सोच और अपने बेबाक, निडर एवं जमीनी पत्रकारिता के अंदाज के साथ वरिष्ठ पत्रकार राघवेन्द्र पाण्डेय ने अपने करियर का एक नया अध्याय शुरू किया है। उन्होंने डीडी न्यूज़ नेशनल के साथ नई पारी की शुरुआत की है।

नवंबर 2026 की शुरुआत में राघवेन्द्र पाण्डेय ने रिपब्लिक भारत में विशेष संवाददाता एवं उत्तर प्रदेश प्रमुख के दायित्व से इस्तीफा देकर देश के प्रतिष्ठित सार्वजनिक प्रसारण संस्थान दूरदर्शन को अपनी नई कर्मभूमि के रूप में चुना है।

संघर्ष से सफलता तक की कहानी–

प्रयागराज से पत्रकारिता की शिक्षा हासिल करने के बाद वर्ष 2010 में राजधानी लखनऊ से खोज इंडिया न्यूज़ चैनल के जरिए अपने करियर की शुरुआत करने वाले राघवेन्द्र पाण्डेय का अब तक का सफर संघर्ष, अनुभव, साहस और अपने पेशे के प्रति समर्पण की कहानी रहा है।

लखनऊ से दिल्ली और फिर देश के विभिन्न हिस्सों तक फैले इस सफर में उन्होंने पत्रकारिता को केवल पेशा नहीं, बल्कि अपने जीवन का उद्देश्य बनाया। नैतिकता, निष्पक्षता, पेशेवर प्रतिबद्धता और जमीनी हकीकत को प्राथमिकता देना उनकी कार्यशैली का अहम हिस्सा रहा है।

राघवेन्द्र पाण्डेय ने देश की प्रतिष्ठित समाचार एजेंसी एशियन न्यूज़ इंटरनेशनल (ANI) में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं। दिल्ली और लखनऊ में रहते हुए उन्होंने राष्ट्रीय राजनीति, सत्ता के गलियारों, आंदोलनों और सामाजिक घटनाक्रमों की व्यापक रिपोर्टिंग की।

वर्ष 2011 में दिल्ली में हुए ऐतिहासिक अन्ना आंदोलन की ग्राउंड रिपोर्टिंग उनके पत्रकारिता करियर के महत्वपूर्ण पड़ावों में शामिल रही। उस दौर में देश की राजनीति में हो रहे बदलावों, विपक्ष के संघर्ष और विभिन्न राजनीतिक दलों की गतिविधियों को उन्होंने करीब से कवर किया।

दिल्ली में अपने कार्यकाल के दौरान कांग्रेस, भारतीय जनता पार्टी, आम आदमी पार्टी, राष्ट्रीय जनता दल और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ सहित विभिन्न राजनीतिक संगठनों की गतिविधियों पर उनकी मजबूत पकड़ रही। राजनीतिक गलियारों में उनकी पहुंच और जमीनी रिपोर्टिंग का अनुभव लगातार व्यापक होता गया।

ANI के बाद उन्होंने मध्य प्रदेश के अनादि न्यूज़ चैनल के साथ उत्तर प्रदेश में काम किया और इसके बाद इंडिया न्यूज़ में ब्यूरो चीफ की जिम्मेदारी संभाली।

रिपब्लिक भारत में आक्रामक और खोजपरक पत्रकारिता

वर्ष 2023 में राघवेन्द्र पाण्डेय रिपब्लिक भारत से जुड़े। यहां उन्होंने विशेष संवाददाता एवं उत्तर प्रदेश प्रमुख के रूप में अपनी सेवाएं दीं।

इस दौरान उनकी रिपोर्टिंग का दायरा राजनीतिक खबरों से आगे बढ़कर सामाजिक, धार्मिक, संवेदनशील और खोजपरक पत्रकारिता तक विस्तृत रहा।

उत्तर प्रदेश में धर्मांतरण से जुड़े मामलों, कथित लव जिहाद के आरोपों और संगठित गतिविधियों को लेकर उन्होंने कई महत्वपूर्ण रिपोर्टिंग की। छांगुर प्रकरण से जुड़े कथित नेटवर्क और गतिविधियों को उजागर करने में भी उनकी रिपोर्टिंग चर्चा में रही।

बहराइच, सीतापुर, लखीमपुर खीरी और आसपास के जिलों में मानव-वन्यजीव संघर्ष की गंभीर समस्या को उन्होंने प्रमुखता से उठाया। जंगलों के आसपास रहने वाले ग्रामीणों की पीड़ा, वन्यजीवों के हमले और प्रशासनिक चुनौतियों को कैमरे के माध्यम से सामने लाने का प्रयास किया।

अयोध्या से काशी तक धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत की रिपोर्टिंग-

राघवेन्द्र पाण्डेय के पत्रकारिता सफर का एक महत्वपूर्ण अध्याय अयोध्या और राम मंदिर आंदोलन की रिपोर्टिंग भी रहा है।

उन्होंने राम मंदिर से जुड़े कानूनी घटनाक्रम, सुप्रीम कोर्ट में चली सुनवाई, ऐतिहासिक फैसले, मंदिर निर्माण की शुरुआत, शिलान्यास और प्राण प्रतिष्ठा समारोह तक के महत्वपूर्ण पड़ावों को कवर किया। अयोध्या में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में हुए ऐतिहासिक प्राण प्रतिष्ठा समारोह की रिपोर्टिंग भी उनके अनुभवों का हिस्सा रही।

इसके अतिरिक्त काशी विश्वनाथ कॉरिडोर, मां विंध्यवासिनी कॉरिडोर और देश के विभिन्न धार्मिक एवं सांस्कृतिक स्थलों से जुड़े विकास कार्यों की ग्राउंड रिपोर्टिंग की।

प्रयागराज के कुंभ और अर्धकुंभ जैसे विशाल धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों को भी उन्होंने प्रमुखता से कवर किया।

चुनाव, आंदोलन और सत्ता के गलियारों से ग्राउंड जीरो तक-

16 वर्षों के पत्रकारिता करियर में राघवेन्द्र पाण्डेय ने वर्ष 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनावों की व्यापक रिपोर्टिंग की। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश सहित कई राज्यों के विधानसभा चुनावों को भी करीब से कवर किया।

वाराणसी में लोकसभा चुनावों की रिपोर्टिंग, काशी विश्वनाथ कॉरिडोर से लेकर भारतीय राजनीति के बड़े घटनाक्रमों तक उनकी ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव व्यापक रहा है।

उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और कई अन्य प्रमुख राजनीतिक हस्तियों की गतिविधियों एवं राजनीतिक घटनाक्रमों को कवर किया है।

इसके अलावा देश के विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों, केंद्रीय नेताओं और संवैधानिक पदों पर आसीन प्रमुख व्यक्तियों से जुड़े कार्यक्रमों और घटनाओं की रिपोर्टिंग भी की।

जब पत्रकारिता बनी जोखिम भरा मिशन-

राघवेन्द्र पाण्डेय की पत्रकारिता का सबसे चुनौतीपूर्ण पक्ष उन घटनाओं की रिपोर्टिंग रहा है, जहां ग्राउंड जीरो पर मौजूद रहना ही अपने आप में बड़ी चुनौती थी।

नेपाल के जाजरकोट में आए विनाशकारी भूकंप के बाद वे प्रभावित क्षेत्र में पहुंचे। वहां लगातार महसूस हो रहे भूकंप के झटकों के बीच उन्होंने पीड़ितों की स्थिति, तबाही और मानवीय संकट को कैमरे के माध्यम से दुनिया तक पहुंचाया।

हाल ही में नेपाल की राजधानी काठमांडू में हुए Gen-Z आंदोलन के दौरान भी उन्होंने घटनास्थल से रिपोर्टिंग की। तनावपूर्ण परिस्थितियों और जोखिम के बीच घटनाक्रम को करीब से दिखाना उनके साहसिक पत्रकारिता अनुभवों में शामिल रहा।

प्रयागराज में माफिया अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की हत्या जैसी सनसनीखेज घटना की रिपोर्टिंग भी उनके करियर के चुनौतीपूर्ण अनुभवों में रही। इसके अलावा कई आंदोलनों, प्रदर्शनों, दंगों, तनावपूर्ण परिस्थितियों और कानून-व्यवस्था से जुड़े घटनाक्रमों को उन्होंने मौके पर पहुंचकर कवर किया।

कोरोना महामारी के दौरान भी उन्होंने अपनी जिम्मेदारियों से पीछे हटने के बजाय लगातार रिपोर्टिंग की। इस दौरान तीन बार कोरोना संक्रमण की चपेट में आए और अस्पताल में उपचार के बाद स्वस्थ होकर फिर अपने पेशे में लौटे।

अब दूरदर्शन के राष्ट्रीय मंच पर नई जिम्मेदारी–

पत्रकारिता के लंबे सफर में निजी समाचार चैनलों और समाचार एजेंसियों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाने के बाद राघवेन्द्र पाण्डेय ने अब डीडी न्यूज़ नेशनल को चुना है।

रिपब्लिक भारत और रिपब्लिक टीवी (अंग्रेजी) से जुड़े अनुभवों के बाद दूरदर्शन जैसे ऐतिहासिक और प्रतिष्ठित सार्वजनिक प्रसारण संस्थान के साथ उनकी नई पारी शुरू हुई है।

दूरदर्शन केवल एक प्रसारण संस्थान नहीं, बल्कि भारत की प्रसारण यात्रा, सामाजिक चेतना, सांस्कृतिक विरासत और राष्ट्रीय विकास का महत्वपूर्ण साक्षी रहा है। ऐसे संस्थान के साथ जुड़ना किसी भी पत्रकार के लिए एक अलग अनुभव और जिम्मेदारी है।

राघवेन्द्र पाण्डेय के लिए यह बदलाव केवल एक संस्थान से दूसरे संस्थान तक का सफर नहीं, बल्कि पत्रकारिता के एक नए मंच पर अपने अनुभवों और कार्यशैली को आगे बढ़ाने का अवसर भी है।

16 वर्षों का अनुभव, हजारों खबरों की यात्रा, अनगिनत चुनौतियां और जमीनी पत्रकारिता का जुनून… राघवेन्द्र पाण्डेय का यह नया सफर निश्चित रूप से उनके पेशेवर जीवन का एक महत्वपूर्ण अध्याय है।

अब देखना दिलचस्प होगा कि दूरदर्शन न्यूज़ के राष्ट्रीय मंच पर उनकी बेबाक, संवेदनशील, खोजपरक और जमीनी पत्रकारिता किस तरह अपनी नई पहचान बनाती है।

Media4samachar की तरफ से राघवेंद्र पाण्डेय जी को नई पारी के लिए ढेरों शुभकामनाएं बधाई 

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Author: media4samachar

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