Home » टीवी » महिला पत्रकारों से बदसलूकी पर SC सख्त,दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी को किया तलब

महिला पत्रकारों से बदसलूकी पर SC सख्त,दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी को किया तलब

25 Views

दिल्ली में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) के खिलाफ हुए विरोध प्रदर्शनों की कवरेज कर रही महिला पत्रकारों के साथ कथित बदसलूकी और यौन उत्पीड़न का मामला अब सुप्रीम कोर्ट पहुँच गया है। इस संवेदनशील मामले पर सर्वोच्च न्यायालय ने बेहद गंभीर रुख अपनाते हुए दिल्ली पुलिस को तलब किया है और कड़े निर्देश दिए हैं।

मुख्य न्यायाधीश की बेंच और सुनवाई का विवरण

इस मामले की सुनवाई भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ के समक्ष हो रही है।

  • सुनवाई की अगली तारीख: सुप्रीम कोर्ट इस मामले पर गुरुवार, 15 अक्टूबर को विरोध प्रदर्शनों की रिपोर्टिंग करने वाले पत्रकारों की सुरक्षा से जुड़ी अन्य याचिकाओं के साथ विस्तार से सुनवाई करेगा।

  • न्यायालय का निर्देश: मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए दिल्ली पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी को अदालत में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित रहने और लगाए गए सभी गंभीर आरोपों पर स्थिति स्पष्ट करने का निर्देश दिया है।

वरिष्ठ वकील इंदिरा जयसिंह द्वारा मामला उठाया जाना

याचिकाकर्ताओं की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता इंदिरा जयसिंह ने सुप्रीम कोर्ट की पीठ के समक्ष इस गंभीर विषय को उठाया। उन्होंने विशेष रूप से उन महिला पत्रकारों की सुरक्षा का मुद्दा उठाया, जिन्हें विरोध प्रदर्शनों की कवरेज के दौरान कथित यौन उत्पीड़न और पुलिसिया ज्यादती का सामना करना पड़ा था।

इंदिरा जयसिंह ने न्यायालय से यह अनुरोध किया कि इस याचिका को विरोध प्रदर्शनों से जुड़े अन्य मामलों के साथ ही सुना जाए। उन्होंने अदालत को यह भी अवगत कराया कि इस याचिका की अग्रिम प्रति और सूचना सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता को पहले ही दी जा चुकी है।

याचिकाकर्ताओं की मुख्य मांगें

यह याचिका ‘नेटवर्क ऑफ विमेन इन मीडिया, इंडिया’ (NWMI) और ‘फ्रीडम ऑफ स्पीच कलेक्टिव’ द्वारा संयुक्त रूप से दायर की गई है। याचिकाओं में निम्नलिखित प्रमुख मांगें की गई हैं:

  • पत्रकारों की सुरक्षा: विरोध प्रदर्शनों को कवर करने वाले पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कड़े और प्रभावी कदम उठाए जाएं।

  • हिरासत और बदसलूकी पर रोक: पत्रकारों के साथ मारपीट, धमकियों और मनमाने ढंग से हिरासत में लिए जाने की घटनाओं पर रोक लगाई जाए।

  • स्पष्ट दिशा-निर्देश: पुलिस और मीडियाकर्मियों के बीच संवाद तथा विरोध प्रदर्शनों के दौरान उनके साथ किए जाने वाले व्यवहार को लेकर स्पष्ट और कड़े दिशा-निर्देश तय किए जाएं।

  • स्वतंत्र जांच और कार्रवाई: संबंधित घटनाओं की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा दोषी पाए जाने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई हो।

3 अक्टूबर की प्रमुख घटना और पुलिस की प्रतिक्रिया

याचिका में विशेष रूप से 3 अक्टूबर की एक घटना का हवाला दिया गया है। आरोप है कि जंतर-मंतर के पास एक विरोध प्रदर्शन की कवरेज के दौरान हिरासत में ली गई तीन महिला पत्रकारों के साथ दिल्ली पुलिस के कुछ कर्मियों ने यौन उत्पीड़न और दुर्व्यवहार किया।

इन महिला पत्रकारों का यह भी आरोप है कि उन्होंने बार-बार खुद को प्रेस का अधिकृत सदस्य बताया और अपने पहचान पत्र भी दिखाए, इसके बावजूद पुलिसकर्मियों ने उनके साथ धक्का-मुक्की की, उन्हें हिरासत में लिया और उनके पेशेवर कामकाज में भारी बाधा डाली।

इस मामले के तूल पकड़ने के बाद दिल्ली पुलिस ने स्पष्ट किया था कि इन सभी शिकायतों को निष्पक्ष जांच के लिए अपनी क्राइम ब्रांच को सौंप दिया गया है। इसके अलावा, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने भी मीडिया में आई खबरों का स्वतः संज्ञान लिया है और दिल्ली पुलिस आयुक्त से इस पूरे प्रकरण पर एक विस्तृत रिपोर्ट तलब की है।

सुप्रीम कोर्ट का पूर्व निर्देश और पत्रकारों का अधिकार

इससे पहले 11 अक्टूबर को भी सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली में विरोध प्रदर्शनों से जुड़े मामलों पर सुनवाई करते हुए यह सख्त टिप्पणी की थी कि वकीलों, पत्रकारों और अन्य पेशेवरों को उनके पेशेवर दायित्वों और काम करने से बिल्कुल नहीं रोका जाना चाहिए। न्यायालय ने आवाजाही पर अनुचित पाबंदियों और कथित गैरकानूनी हिरासत से जुड़ी शिकायतों पर यह बात कही थी।

निष्कर्ष

महिला पत्रकारों के साथ कथित यौन उत्पीड़न और बदसलूकी का यह मामला प्रेस की स्वतंत्रता और कानून व्यवस्था के बीच एक गंभीर बहस का विषय बन गया है। 15 अक्टूबर को होने वाली सुनवाई के दौरान दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी की अदालत में मौजूदगी से सच्चाई सामने आने और इस मामले में आगे की कानूनी दिशा तय होने की पूरी उम्मीद है।

media4samachar
Author: media4samachar

Live Cricket

Daily Astrology