नई दिल्ली: सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय (Ministry of Information and Broadcasting) ने देश के सभी निजी सैटेलाइट टीवी चैनलों के लिए एक महत्वपूर्ण सलाह (Advisory) जारी की है। मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि संसद की कार्यवाही या संसद टीवी से जुड़ी किसी भी सामग्री का उपयोग करते समय स्क्रीन पर ‘Courtesy: Sansad TV’ कैप्शन प्रमुखता से दिखाना अनिवार्य होगा।
क्यों पड़ी इस कदम की जरूरत?
मंत्रालय के ध्यान में यह बात आई थी कि कई निजी समाचार चैनल संसद टीवी द्वारा तैयार या उपलब्ध कराई गई फुटेज, चर्चाओं और कार्यक्रमों का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल करते हैं, लेकिन अक्सर सामग्री के मूल स्रोत का उचित उल्लेख नहीं करते। इस तरह की अनदेखी को समाप्त करने और एकरूपता लाने के उद्देश्य से 7 अक्टूबर को यह एडवाइजरी जारी की गई।
इन नियमों का पालन करना होगा mandatory:
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प्रत्येक उपयोग पर क्रेडिट देना जरूरी: संसद के किसी भी सदन (लोकसभा या राज्यसभा) की कार्यवाही, संसद टीवी के इंटरव्यू, डॉक्यूमेंट्री या समसामयिक मुद्दों पर होने वाली चर्चाओं का उपयोग करने पर स्रोत लिखना अनिवार्य है।
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पुनः प्रसारण और क्लिप्स पर भी लागू: यह निर्देश सिर्फ सीधे (लाइव) प्रसारण तक सीमित नहीं है। यदि सामग्री का दोबारा प्रसारण किया जाता है, उसके किसी छोटे अंश/क्लिप का इस्तेमाल होता है, या उसे किसी अन्य शो का हिस्सा बनाया जाता है, तब भी स्क्रीन पर ‘Courtesy: Sansad TV’ स्पष्ट रूप से दिखना चाहिए।
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दर्शकों के लिए स्पष्टता: मंत्रालय का मानना है कि स्रोत का एक समान उल्लेख होने से आम दर्शकों को जानकारी के मूल स्रोत के बारे में सही और स्पष्ट जानकारी मिल सकेगी।
संबंधित संस्थाओं को भी भेजी गई एडवाइजरी
सक्षम प्राधिकारी (Competent Authority) की मंजूरी के बाद जारी की गई यह सलाह केवल चैनलों तक ही सीमित नहीं रखी गई है, बल्कि टीवी चैनलों के स्व-नियामक निकायों (Self-Regulatory Bodies), इलेक्ट्रॉनिक मीडिया संगठनों और अन्य संबंधित हितधारकों को भी अनुपालन हेतु भेज दी गई है।



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