मुख्य बिंदु:
- आरोप: यूट्यूब, इंस्टाग्राम और एक्स (Twitter) पर मोहित कंबोज और उनके परिवार के खिलाफ तथ्यहीन और मानहानिकारक सामग्री प्रसारित करने का आरोप।
- विवाद की वजह: वीडियो में महाराष्ट्र के सरकारी तबादलों में प्रभाव और 16 वर्षीय नाबालिग बेटी की शादी से जुड़े दावों को बताया गया पूरी तरह काल्पनिक।
- मांग: 48 घंटे के भीतर वीडियो हटाने और बिना शर्त माफी मांगने की चेतावनी; पालन न होने पर 1000 करोड़ रुपये के हर्जाने और कानूनी कार्रवाई की चेतावनी।

मुंबई:
उद्योगपति मोहित कंबोज भारतीय, उनकी नाबालिग बेटी मिश्का कंबोज भारतीय और एस्पेक्ट ग्रुप ऑफ कंपनीज (Aspect Group of Companies) की ओर से ‘4PM’ न्यूज नेटवर्क और उसके एडिटर-इन-चीफ संजय शर्मा को एक कानूनी नोटिस भेजा गया है। 2 जुलाई 2026 को जारी किए गए इस नोटिस में न्यूज नेटवर्क पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के जरिए परिवार और व्यवसाय की प्रतिष्ठा को गंभीर नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया गया है।
क्या है पूरा मामला?
कानूनी नोटिस के अनुसार, 30 जून 2026 को ‘4PM’ न्यूज नेटवर्क के यूट्यूब चैनल, इंस्टाग्राम और एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक सामग्री प्रकाशित की गई थी। इस यूट्यूब कार्यक्रम में दावा किया गया था कि महाराष्ट्र में होने वाले बड़े सरकारी तबादलों, सरकारी सौदों और कथित तौर पर हजारों करोड़ रुपये के लेन-देन के पीछे मोहित कंबोज का सीधा प्रभाव है।
मोहित कंबोज और उनके परिवार ने इन आरोपों को पूरी तरह निराधार, काल्पनिक और दुर्भावनापूर्ण करार दिया है। नोटिस में कहा गया है कि इन दावों के समर्थन में न्यूज नेटवर्क द्वारा कोई भी दस्तावेजी सबूत या विश्वसनीय तथ्य पेश नहीं किए गए।
नाबालिग बेटी पर टिप्पणी को लेकर गंभीर आपत्ति
इस पूरे मामले में सबसे गंभीर आपत्ति मोहित कंबोज की 16 वर्षीय बेटी मिश्का कंबोज को लेकर की गई टिप्पणियों पर जताई गई है। कानूनी नोटिस के मुताबिक, वीडियो में दावा किया गया था कि मिश्का की शादी हो चुकी है और उस कथित समारोह में कई बॉलीवुड हस्तियां व बड़े राजनीतिक नेता शामिल हुए थे।
”मिश्का कंबोज अभी एक स्कूली छात्रा हैं, अविवाहित हैं और उनका राजनीति या सार्वजनिक जीवन से दूर-दूर तक कोई संबंध नहीं है। बिना किसी जांच-परख के एक नाबालिग लड़की के बारे में इस तरह के झूठे दावे करना उसकी प्रतिष्ठा और मानसिक स्थिति पर प्रतिकूल असर डाल सकता है।”
— कानूनी नोटिस से
वकीलों का तर्क है कि मोहित कंबोज का किसी भी राजनीतिक दल, सरकारी विभाग या प्रशासनिक निर्णय लेने की प्रक्रिया से कोई संबंध नहीं है। ऐसे में उन्हें महाराष्ट्र की राजनीति में इस तरह प्रभावित करने वाले व्यक्ति के रूप में पेश करना जिम्मेदार पत्रकारिता के सिद्धांतों के बिल्कुल विपरीत है।
सोशल मीडिया पर व्यापक प्रसार और 48 घंटे का अल्टीमेटम
नोटिस में चिंता जताई गई है कि इसी भ्रामक सामग्री को बाद में इंस्टाग्राम रील्स और एक्स पोस्ट के जरिए भी साझा किया गया, जिससे इस मानहानिकारक सामग्री का व्यापक प्रसार हुआ। नोटिस जारी होने के समय तक संबंधित यूट्यूब वीडियो को करीब 1.07 लाख से अधिक बार देखा जा चुका था।
कानूनी नोटिस के जरिए ‘4PM’ न्यूज नेटवर्क और उसके एडिटर-इन-चीफ से निम्नलिखित मांगें की गई हैं:
- सामग्री हटाना: 48 घंटे के भीतर संबंधित यूट्यूब वीडियो, इंस्टाग्राम रील, एक्स पोस्ट और उनसे जुड़ी सभी क्लिप, थंबनेल व प्रचार सामग्री को तुरंत हटाया जाए।
- सार्वजनिक माफी: इस कृत्य के लिए बिना शर्त सार्वजनिक रूप से माफीनामा प्रकाशित किया जाए।
- लिखित आश्वासन: भविष्य में इस तरह के तथ्यहीन आरोप दोबारा न लगाने का लिखित आश्वासन दिया जाए।
- रिकॉर्ड सुरक्षित रखना: मामले से जुड़े सभी रिकॉर्ड और डिजिटल स्रोतों को सुरक्षित रखा जाए।
मांगें पूरी न होने पर 1000 करोड़ का दावा और कानूनी कार्रवाई
नोटिस के अंत में स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि यदि तय समय सीमा (48 घंटे) के भीतर इन मांगों का पालन नहीं किया गया, तो संबंधित पक्षों के खिलाफ दीवानी (Civil) और आपराधिक (Criminal) कार्रवाई शुरू की जाएगी।
इसके साथ ही, साइबर क्राइम प्राधिकरण, प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया (PCI), सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, और न्यूज ब्रॉडकास्टिंग एंड डिजिटल डिजिटल स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी (NBDSA) जैसे संबंधित मंचों पर भी औपचारिक शिकायत दर्ज कराई जाएगी। कंबोज परिवार और एस्पेक्ट ग्रुप ने कथित रूप से हुई मानहानि और व्यावसायिक साख को पहुंचे नुकसान के एवज में 1000 करोड़ रुपये के हर्जाने की मांग करते हुए अदालत जाने की बात कही है।




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